यमन में फांसी की सजा पाई भारतीय नर्स निमिषा प्रिया (Nimisha Priya) को लेकर ईरान की सरकार की तरफ से राहत भरी खबर आई है. ईरान सरकार से जुड़े हुए सूत्रों के हवाले से पता चला है कि ईरान इस मामले को यमन सरकार के समक्ष उठाएगा.
सूत्रों का कहना है कि ईरान सरकार ने इस मामले पर हरसंभव मदद की बात कही है. दरअसल यमन के राष्ट्रपति मोहम्मद अल-अलीमी ने दो दिन पहले ही यमन की जेल में बंद केरल की नर्स निमिषा प्रिया को फांसी की सजा की मंजूरी दी थी.
यमन कोर्ट ने भारतीय महिला नर्स निमिषा को हत्या का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी, जिस पर वहां के राष्ट्रपति ने मुहर लगाई थी.
क्या है निमिषा प्रिया का मामला?
निमिषा 2017 से यमन की जेल में बंद है. निमिषा को यमन के नागरिक तलाल एब्दो महदी की हत्या का दोषी पाया गया था. उस पर आरोप थे कि उन्होंने महदी के पास जमा अपना पासपोर्ट पाने के लिए उन्हें बेहोशी के इंजेक्शन दिए लेकिन इन इंजेक्शन की वजह से महदी की मौत हो गई.
केरल के पलक्कड़ की रहने वाली नर्स निमिषा अपने पति और बेटी के साथ पिछले लगभग एक दशक से यमन में काम कर रही थीं. 2016 में यमन में हुए गृहयुद्ध की वजह से देश से बाहर आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी. लेकिन इससे पहले 2014 में ही उनके पति और बेटी भारत लौट आए थे.
लेकिन निमिषा वापस लौट नहीं पाई थी. इसके बाद नर्स पर जुलाई 2017 में एक यमनी नागरिक की हत्या का आरोप लगाया गया. लिहाजा सात मार्च 2018 को यमन में अदालत ने निमिषा की मौत की सजा को बरकरार रखा था.
निमिषा की मां ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
यमन कोर्ट ने भारतीय महिला निमिषा को हत्या का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. इस मामले में दोषी नर्स की मां ने यमन जाने की गुहार लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया था कि महदी ने नर्स को शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया था. उसका पासपोर्ट कब्जे में ले लिया था.