भारतीय छात्रों ने हाल ही में नई दिल्ली में स्थित चीनी दूतावास के सामने प्रदर्शन किया. ये छात्र अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए चीन वापस जाना चाहते हैं. छात्रों की मांग है कि बीजिंग उन्हें आने की अनुमति दे ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें. उधर, चीन अभी भी कोरोना के डर के साये में है और भारतीय छात्रों को बीजिंग आने की अनुमति नहीं दे रहा है. अब भारतीय छात्रों द्वारा प्रदर्शन की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन ने कहा कि उनके पास कोरोना को रोकने के लिए यात्रा पर प्रतिबंध जैसे उपायों के अलावा विकल्प नहीं है.
चीन में अलग-अलग कॉलेजों में करीब 23,000 भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं. इसके अलावा सैकड़ों व्यापारी, कर्मचारी और उनके परिवार पिछले साल से भारत में हैं जो चीन जाना चाहते हैं. कोरोना को लेकर लगाईं गईं पाबंदियों के चलते कई लोगों ने अपनी नौकरी गंवा दी.
भारत के राजदूत ने की थी चीन की आलोचना
पिछले हफ्ते चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिसरी ने चीन की यात्रा पाबंदियों की आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि चीन कोरोना महामारी के चलते हजारों भारतीय छात्रों, कर्मचारियों और उनके परिजनों की वापसी नहीं चाहता. उन्होंने कहा था कि चीन की पाबंदियां विशुद्ध मानवीय मुद्दे के प्रति अवैज्ञानिक दृष्टिकोण है.
चीन ने दिया जवाब
दिल्ली में भारतीय छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, दुनिया के कई हिस्सों में अभी भी कोरोना फैल रहा है. ऐसे में चीनी सरकार के पास कोरोना को फैलने से रोकने के लिए इस उपाय के अलावा कोई विकल्प नहीं है.