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वैगनर चीफ, अन्ना पोलितकोवस्काया, सर्गेई स्क्रिपल और अब एलेक्सी नवलनी... पुतिन के दुश्मनों पर मौत का साया!

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की खिलाफत करने वाले कई लोगों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो चुकी है. ताजा मामला एलेक्सी नवलनी का है जिनकी जेल में मौत हो गई. पुतिन की नीतियों के आलोचकों की मौत और उन्हें जहर देना कोई नई बात नहीं है.

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पुतिन के कई आलोचकों की अब तक हो चुकी है रहस्यमयी मौत
पुतिन के कई आलोचकों की अब तक हो चुकी है रहस्यमयी मौत

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुखर विरोधी और विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की मौत की तमाम इंटरनेशनल मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई है. नर्व एजेंट के ज़हर को मात दे चुके नवलनी पुतिन के कट्टर आलोचक थे. यह पहली बार नहीं है जब पुतिन के विरोधियों की इस तरह से रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई है, इससे पहले भी पुतिन के कई विरोधी इसी तरह मारे जा चुके हैं और कई ऐसे हैं जिन्हें जहर दिया गया लेकिन वो किसी तरह बच गए.

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नवलेनी के अलावा, सबसे ताजा मामला प्राइवेट आर्मी वैगनर के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन का है जिनकी अगस्त 2023 में प्लैन क्रैश में मौत हो गई थी. तो आइए जानते हैं पुतिन के विरोधी, आलोचक और दुश्मनों की कब-कब और कैसे रहस्यमयी मौत हुई या उन्हें जहर दिया गया.

1- एलेक्सी नवलेनी
विपक्षी नेता एलेक्सी नवलेनी पुतिन के कट्टर आलोचक थे जो सार्वजनिक मंचों से उनके खिलाफ बयान देते रहे थे और उन्होंने चुनाव भी लड़ा लेकिन जीत नहीं सके. नवलनी के बारे में कहा जाता है कि जैसे ही वो रूस में लोकप्रिय होने लगे तो तभी 2020 में उन्हें साइबेरिया में नोविचोक नर्व एजेंट नाम का जहर दे दिया गया, गनीमत ये रही कि उनकी जान बच गई. उन्हें एयरलिफ्ट के जरिए जर्मनी के बर्लिन ले जाया गया और यहां उनका लंबा इलाज चला. ये नवलनी की हिम्मत थी कि स्वस्थ्य होते ही करीब 5 माह बाद वह 2021 में रूस वापस रूस लौट आए लेकिन उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया.

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Alexei Navalny

उनकी गिरफ्तारी को लेकर देशभर में जोरदार विरोध प्रदर्शन भी हुए लेकिन रूसी सैन्यबलों ने सभी विरोध प्रदर्शनों को कुचल दिया. नवलनी ने पुतिन को झूठों और मक्कारों का सरदार तक कह दिया था. उन्होंने पुतिन पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के गंभीर आरोप लगाए. सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने लोगों तक जबरदस्त तरीके से अपनी पहुंच बनाई और उनके वीडियो वायरल होने लगे. पुतिन को अंदाजा हो गया था कि नवलनी की लोकप्रियता उन्हें नुकसान में डाल देगी इसलिए जेल में उनको मिलने वाली सहूलियतें और कम कर दी गईं.

2022 में जब नवलनी को कथित तौर पर जेल की कोठरी से गायब कर दिया गया तो उनके समर्थक भड़क गए. बाद में जेल अधिकारियों को सफाई देनी पड़ी कि उनकी जेल बदल दी गई है.अगस्त, 2023 में एक कोर्ट ने उनकी पहले की सजा बढ़ाकर 19 साल कर दी. इसके बाद उन्हें रूस की सबसे खतरनाक जेल पीनल कॉलोनी जेल में शिफ्ट कर दिया गया. पुतिन प्रशासन के मुताबिक, 2 दिन पहले ही यहां टहलने के दौरान वह बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई. हालांकि उनकी मौत को लेकर रहस्य बना हुआ है.

2- येवगेनी प्रिगोझिन
रूस की प्राइवेट आर्मी वैगनर के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन (62 साल) की पिछले साल अगस्त में एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी. प्रगोझिन की आर्मी रूसी सेना के साथ मिलकर यूक्रेन में युद्ध लड़ रही थी. यह पिछले कई सालों से सैन्य और खुफिया ऑपरेशन्स को लेकर विवादों में भी रही है. वैगनर आर्मी चीफ येवगेनी प्रिगोझिन कभी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे खास होते थे. 

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ बगावत करने वाले प्रिगोझिन की प्लेन क्रैश होने से मौत हो गई है.

लेकिन पिछले साल के मध्य में  प्रिगोझिन ने रूसी सेना और पुतिन के खिलाफ बगावत कर दी थी. बीते 23-24 जून को इन लड़ाकों ने रूस के दक्षिणी शहर रोस्तोव को कब्जे में ले लिया था. उसके बाद मॉस्को पर कब्जे की तैयारी थी. रूस में गृह युद्ध की स्थिति बन गई. तख्तापलट की चर्चाएं जोर पकड़ गईं. रूस के हालात बिगड़ने में बस कुछ घंटे की देरी थी. ऐसे में पुतिन बैकफुट पर आए और उन्होंने बेलारूस के राष्ट्रपति की मदद से 24 घंटे में ही इस बगावत को टाल दिया था. लेकिन चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हमारी पीठ में छुरा घोंपा गया और उन्हें इसकी सजा मिलेगी. दो महीने बाद ही येवगेनी प्रिगोझिन की प्लेन क्रैश में मौत हो गई. 

3- व्लादिमीर कारा मुर्जा

एक चर्चित पुतिन विरोधी एक्टिविस्ट व्लादीमिर कारा मुर्जा ने भी दावा किया था कि मुझे साल 2015 और 2017 में जहर दिए जाने का प्रयास किया गया था. तब उन्हें जहर जैसे जैसे लक्षण हुए थे. हालांकि, उन्हें जहर दिए जाने के दावे एक रहस्य बने हुए हैं. मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, एक जर्मन प्रयोगशाला ने बाद में उनमें पारा, तांबा, मैंगनीज और जस्ता का हाई लेवल पाया था. पुतिन विरोधियों का कहना है कि रूस की खुफिया सेवाओं के लिए जहर देना सबसे पसंदीदा हथियार बनता जा रहा है. वहीं, मॉस्को ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया था. इसी साल अप्रैल में मुर्जा को मॉस्को की एक अदालत ने देशद्रोह और अन्य अपराधों का दोषी पाया था और सजा सुनाई थी.

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Vladimir Kara-Murza

4- अलेक्जेंडर लितविनेंको

पूर्व जासूस और क्रेमलिन के राजनैतिक आलोचक रहे अलेक्जेंडर लितविनेंको को साल 2006 ग्रीन टी में जहर (पॉलोनियम) देने का मामला सामने आया था. कुछ ही हफ्ते बाद अलेक्जेंडर लितविनेंको की 43 साल की उम्र में मौत हो गई थी. उन्हें लंदन के मिलेनियम होटल में ग्रीन टी में जहर दे दिया था. ये जहर बेहद शक्तिशाली था. 2016 में एक ब्रिटिश जांच में हत्या को लेकर रूसी एजेंसियों पर आरोप लगा था.

 ALEXANDER LITVINENKO

हालांकि, क्रेमलिन ने इसमें शामिल होने से इनकार किया था. एक वरिष्ठ ब्रिटिश जज के नेतृत्व में हुई जांच में पाया गया कि केजीबी के पूर्व अंगरक्षक आंद्रेई लुगोवॉय और एक अन्य रूसी दिमित्री कोवतुन ने एक ऑपरेशन के हिस्से के रूप में हत्या को अंजाम दिया था. दोनों होटल में अलेक्जेंडर से मिलने पहुंचे थे. अलेक्जेंडर लितविनेंको जहर दिए जाने की घटना से छह साल पहले रूस से भागकर ब्रिटेन आ गया था.

5- सर्गेई स्क्रिपल
खुफिया एजेंसी केजीबी के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रिपल को इंग्लैंड में जहर देने का मामला सामने आया था. पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल ने ब्रिटिश खुफिया को कई बड़े रहस्य बताए थे. सर्गेई स्क्रिपाल और उनकी बेटी यूलिया मार्च 2018 में कैथेड्रल शहर सैलिसबरी में एक शॉपिंग सेंटर के बाहर बेंच पर बेहोश पाए गए थे. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था. ब्रिटिश अधिकारियों ने कहा, उन्हें नोविचोक जहर दिया गया था. ये जहर सबसे खतरनाक माना जाता है. हालांकि, दोनों बच गए थे.

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रूस

रूस ने जहर देने में किसी भी भूमिका से इनकार किया था और कहा था कि ब्रिटेन, रूस विरोधी उन्माद फैला रहा है. बता दें कि रूस के सेवानिवृत सैन्य खुफिया अधिकारी स्क्रिपल को ब्रिटेन के लिए जासूसी करने के आरोप में रूस ने वर्ष 2006 में 13 वर्ष की सजा सुनाई थी. हालांकि, बाद में उन्हें माफी मिल गई थी और ब्रिटेन ने उन्हें नागरिकता दे दी थी. वो तब से ब्रिटेन में ही रह रहे हैं.

6- अलेक्जेंडर पेरेपिलिची

अलेक्जेंडर पेरेपिलिची (44 साल) को नवंबर 2012 में जॉगिंग के बाद लंदन के बाहर एक विशेष गेटेड एस्टेट पर अपने लग्जरी घर के पास मृत पाया गया था. अलेक्जेंडर पेरेपिलिचनी ने रूसी मनी-लॉन्ड्रिंग योजना में स्विस जांच में मदद की थी, उसके बाद 2009 में उन्होंने ब्रिटेन में शरण ली थी. उनकी अचानक मौत से हत्या की आशंका जताई गई थी. हालांकि, ब्रिटिश पुलिस ने दुर्लभ जहर देकर मारने की आशंका से इंकार कर दिया था. पूछताछ से पहले की सुनवाई में पता चला कि पेरेपिलिची के पेट में जेल्सीमियम पौधे के एक दुर्लभ का अंश पाया था, जो दुर्लभ और घातक जहर के रूप में जाना जाता है. पेरेपिलिची ने घटना से पहले लोकप्रिय रूसी व्यंजन सोरेल युक्त सूप पिया था. वहीं, रूस ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया था.

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7- अन्ना पोलितकोवस्काया

मानवाधिकारों के हनन पर रिपोर्टिंग करने वाली पत्रकार अन्ना पोलितकोवस्काया की 7 अक्टूबर 2006 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वो मॉस्को में सुपरमार्केट से घर लौट रही थीं. तभी उनके फ्लैट के बाहर घटना को अंजाम दिया गया. दो बच्चों की 48 वर्षीय मां पोलितकोवस्काया की हत्या ने पश्चिमी देशों में आक्रोश पैदा कर दिया था. पोलितकोवस्काया ने रूस में काम करने वाले पत्रकारों के लिए खतरों के बारे में चिंताओं को उजागर किया था.

ANNA POLITKOVSKAYA
 

8- विक्टर युशचेंको

यूक्रेन के विपक्षी नेता विक्टर युशचेंको को 2004 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान जहर दे दिया गया था. वे मॉस्को समर्थक प्रधानमंत्री विक्टर यानुकोविच के खिलाफ पश्चिम समर्थक टिकट पर चुनाव लड़े थे. वो यूक्रेनी सुरक्षा सेवाओं के अधिकारियों के साथ कीव के बाहर रात्रिभोज में गए थे. वहां खाने में जहर दिया गया था. रूस ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया था. उनके शरीर में सामान्य से 1,000 गुना ज्यादा डाइऑक्सिन पाया गया. जहर के कारण उनका चेहरा और शरीर विकृत हो गया था और उसके बाद उनके दर्जनों ऑपरेशन हुए.

VIKTOR YUSHCHENKO

9- बोरिस नेम्त्सोव
बोरिस नेम्त्सोव 1990 के दशक में, नेमत्सोव सोवियत-उत्तर रूस के "युवा सुधारकों" के रूप में मशहूर थे.कुछ समय के लिए वह उप प्रधान मंत्री भी बने. उन्हें संभावित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में देखा गया - लेकिन यह पुतिन ही थे जिन्होंने 2000 में पूर्व राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन की जगह ले ली. नेम्त्सोव ने सार्वजनिक रूप से इस विकल्प का समर्थन किया था, लेकिन जब पुतिन ने लोगों की आजादी वापस ले ली तो उनकी आलोचना बढ़ती गई. बोरिस को बाद रूसी राजनीतिक जीवन के हाशिये पर धकेल दिया गया.

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2011 के संसदीय चुनाव परिणामों के विरोध में बड़े पैमाने पर उन्होंने पुतिन के खिलाफ सड़कों पर रैलियों का नेतृत्व किया और आधिकारिक भ्रष्टाचार पर रिपोर्ट लिखी.  उन्हें कई बार गिरफ्तार भी किया गया. फरवरी 2015 में, जनता से यूक्रेन में रूस की सैन्य भागीदारी के खिलाफ एक मार्च में शामिल होने का आग्रह करने के कुछ ही घंटों बाद एक अज्ञात हमलावर ने नेम्त्सोव को पीठ में चार बार गोली मार दी और उनकी मौत हो गई. बाद में इस मौत का जिम्मेदार भी पुतिन को माना गया लेकिन उन्होंने हमेशा की तरह इससे भी इनकार कर दिया.  

10- सर्गेई मैग्निट्स्की

वकील सर्गेई मैग्निट्स्की की नवंबर 2009 में पुलिस हिरासत में कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई के बाद मौत हो गई. वह एक बड़े कर धोखाधड़ी मामले की जांच के लिए ब्रिटिश-अमेरिकी व्यवसायी विलियम ब्राउनर के लिए काम कर रहे थे. धोखाधड़ी के पीछे पुलिस अधिकारियों का हाथ होने का सबूत मिलने के बाद मैग्निट्स्की को कथित तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया था. कहा जाता है कि वह पुतिन के कथित भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले थे.

Magnitsky Program

2012 में, मैग्निट्स्की को मरणोपरांत कर चोरी का दोषी ठहराया गया था, और ब्राउनर ने अमेरिकी सरकार से उसकी मौत से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगाने की पैरवी की थी. 

 

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