पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आयोजित दो दिवसीय इस्लामिक सहयोग संगठन के 48वें सत्र में चीनी विदेश मंत्री वांग यी को बतौर मेहमान आमंत्रित किया गया था. चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि मुस्लिम दुनिया के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए वो इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं.
मुस्लिम देशों के सम्मेलन में चीन को बुलाए जाने को लेकर मुस्लिम वीगर कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है. चीन में वीगर मुसलमानों के उत्पीड़न की रिपोर्ट्स को लेकर पश्चिमी देश भी चीन की लगातार आलोचना करते रहे हैं.
मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने चीन के साथ-साथ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को भी लताड़ लगाई है.
वीगर कार्यकर्ता अब्दुवेली अयूप ने न्यूज वेबसाइट मिडिल ईस्ट आई से बात करते हुए कहा, 'ये शर्मनाक है. वे (पाकिस्तान) खुद को इस्लामिक नहीं कह सकते. इसका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि चीन इस्लाम का अपमान कर रहा है और इस्लामी परंपराओं को अपमानित कर खत्म कर रहा है.'
अयूप ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद ने जो शिक्षा दी थी, दुनिया के मुसलमानों को अन्याय का विरोध करने और उत्पीड़न के खिलाफ बोलने में उसका पालन करना चाहिए. वीगर मुसलमान कार्यकर्ता का कहना है कि मुस्लिम देशों को युद्ध का सामना कर रहे गैर-मुस्लिम यूक्रेन के लोगों के अलावा, फिलिस्तीनी, रोहिंग्या और कश्मीरी समुदायों के प्रति सहानुभूति है लेकिन हमारा जिक्र तक नहीं किया गया.
उन्होंने कहा, 'हम अन्य दूसरे मुद्दों पर तो बात करते हैं फिर वीगरों की बात क्यों नहीं करते? ये पाखंड है. हम पहले ही मुस्लिम दुनिया में अकेला महसूस करते हैं. हमें पहले से ही उपेक्षित महसूस कराया जाता रहा है.'
'इमरान खान प्रधानमंत्री कैसे बन गए?'
अयूप ने कहा कि जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून छापे जाने का बचाव किया था तब इमरान खान ने उनका विरोध किया था लेकिन चीन में इससे भी बुरा होता है जिस पर इमरान खान को कोई आपत्ति नहीं है.
उन्होंने इमरान खान पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा, 'चीन में पैगंबर मोहम्मद के नाम लेने पर भी पाबंदी है और इमरान खान ने इस पर अभी तक कुछ नहीं कहा है.'
इमरान खान पर निशाना साधते हुए अयूप ने कहा, 'उनके (इमरान खान के) पड़ोसी देश में, 30 लाख लोग यातना शिविरों में हैं और उनका बलात्कार किया गया, नसबंदी की गई और सूअर का मांस खाने के लिए मजबूर किया गया. ये शर्मनाक है और वो पाखंडी हैं. पाकिस्तानी लोगों ने इस व्यक्ति को कैसे चुना, मुझे समझ नहीं आता.'
इमरान खान चीन में मुसलमानों पर अत्याचार को लेकर साध लेते हैं चुप्पी
चीन और पाकिस्तान के राजनीतिक और आर्थिक रिश्ते हाल के वर्षों में काफी बेहतर हुए हैं. चीन पाकिस्तान में भारी-भरकम निवेश कर रहा है. चीन का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'बेल्ट एंड रोड' का प्रमुख गलियारा पाकिस्तान से होकर गुजर रहा है. हाल ही में इमरान खान बीजिंग ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए चीन के दौरे पर भी गए थे.
इमरान खान चीन के वीगर मुसलमानों पर अत्याचार की खबरों पर चीन की आलोचना करने के बजाए पश्चिमी देशों की मीडिया को ही जिम्मेदार ठहराते हैं.
पिछले महीने ही उन्होंने सीएनएन को एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उनका कहना था कि पश्चिम का मीडिया चीन के शिनजियांग प्रांत के वीगर मुसलमानों की सही कहानी नहीं दिखाता है.
कश्मीर के मुसलमानों पर बोलने और चीनी वीगर मुसलमानों के मुद्दे पर चुप रहने के सवाल पर इमरान खान ने कहा था, 'कश्मीर में मुस्लिमों के साथ जो हो रहा है, उसकी तुलना हम चीन के शिनजियांग से नहीं कर सकते. शिनजियांग का सच मैं चीन में पाकिस्तान के राजदूत के जरिए जानता हूं. पश्चिम का मीडिया
कुछ और कह रहा है जबकि चीन कुछ और कहता है. इसलिए मैं अपने राजदूत से जानकारी लेता हूं. मेरे राजदूत पश्चिमी मीडिया की रिपोर्टों से सहमत नहीं हैं.'
पिछले साल मिडिल ईस्ट आई ने भी इमरान खान से एक इंटरव्यू के दौरान वीगर मुसलमानों का मुद्दा उठाया था. जवाब में इमरान खान ने कहा था, 'शिंजियांग में क्या हो रहा है, चीन इस पर स्पष्टीकरण दे चुका है. चीन के साथ हमारे रिश्ते ऐसे हैं कि हम एक-दूसरे को समझते हैं. हम एक-दूसरे से बात करेंगे लेकिन बंद दरवाजे में, क्योंकि यही हमारी संस्कृति है.'
चीन के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर वीगर कार्यकर्ता ने घेरा
15 मार्च को संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव पास किया गया जिसके तहत 15 मार्च को इस्लामोफोबिया से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस की घोषणा की गई. इस प्रस्ताव को चीन ने सह-प्रायोजित किया था जिस पर नीदरलैंड के वीगर कार्यकर्ता अब्दुगनी सबित ने ओआईसी पर चीन के मानवाधिकार रिकॉर्ड को
लेकर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, 'हम महान उलेमा के वंशज हैं. लेकिन चीन के पैसों के लालच में वो इस बारे में बात नहीं करना चाहते.'
57 सदस्यीय ओआईसी के संगठन में तुर्की को छोड़कर किसी मुस्लिम देश ने वीगर मुसलमानों की दुर्दशा का जिक्र नहीं किया. तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लू ने सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान दुनिया भर के मुस्लिम समुदायों के संघर्षों पर बात करते हुए वीगर मुसलमानों की दुर्दशा का उल्लेख किया.
उनकी टिप्पणी का स्वागत करते हुए सबित ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि सभी मुस्लिम देश वीगरों का साथ दें और अपने साथी वीगर भाइयों और बहनों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हों.'