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स्वीडनः ईद पर मस्जिद के सामने जलाई गई कुरान, 57 मुस्लिम देशों के संगठन OIC ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

स्वीडन में बकरीद के मौके पर कुरान जलाए जाने की घटना को ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' (OIC) ने पवित्र कुरान और अन्य इस्लामी मूल्यों, प्रतीकों और पवित्रता का उल्लंघन करने का प्रयास बताया है. स्वीडन में बुधवार को स्टॉकहोम सेंट्रल मस्जिद के सामने सलवान मोमिका नाम के शख्स ने कुरान जलाकर प्रदर्शन किया था.

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OIC के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा  (फोटो में बाईं तरफ)
OIC के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा (फोटो में बाईं तरफ)

स्वीडन में बकरीद के मौके पर कुरान जलाए जाने को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. स्वीडन के इस कदम पर एक तरफ जहां 10 से ज्यादा मुस्लिम बहुल देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. वहीं, इस्लामिक देशों के संगठन 'ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन' (OIC) ने भी इसकी कड़ी निंदा की है. OIC ने बयान जारी करते हुए कहा है कि यह घृणित कृत्य पवित्र कुरान और अन्य इस्लामी मूल्यों, प्रतीकों और उसकी पवित्रता का उल्लंघन करने का प्रयास है.

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स्वीडन में बुधवार को स्टॉकहोम सेंट्रल मस्जिद के सामने सलवान मोमिका नाम के शख्स ने कुरान जलाकर प्रदर्शन किया था. 37 वर्षीय मोमिका ने लगभग 200 लोगों की मौजूदगी में कुरान जलाई. इसमें से कई लोग कुरान जलाए जाने का समर्थन कर रहे थे. वर्षों पहले मोमिका इराक से भागकर स्वीडन आया था. मोमिका को कुरान जलाकर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति स्वीडन के अधिकारियों ने ही दी थी. अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद मोमिका ने बुधवार को कुरान जलाई थी.  

इससे पहले जनवरी में भी स्टॉकहोम में कुरान जलाने की घटना सामने आई थी. डेनमार्क के एक धुर-दक्षिणपंथी नेता ने कुरान को फाड़कर उसमें आग लगा दी थी जिससे तुर्की काफी नाराज हुआ था और नेटो के आवेदन को लेकर स्वीडन के साथ बातचीत को निलंबित कर दिया था.

OIC ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने गुरुवार को बयान जारी करते हुए कहा कि स्वीडन के स्टॉकहोम सेंट्रल मस्जिद के सामने एक चरमपंथी ने पवित्र कुरान जलाई है. OIC इस घृणित कृत्य की कड़ी निंदा करता है. 

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महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा के हवाले से OIC ने कहा, "यह घृणित कृत्य पवित्र कुरान और अन्य इस्लामी मूल्यों, प्रतीकों और पवित्रता का उल्लंघन करने का प्रयास है. ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन इस बात पर जोर देता है कि सभी देश संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के तहत सार्वभौमिक रूप से सभी लोगों के लिए मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करे. सभी देश रंग, लिंग, भाषा, धर्म, नस्ल और राजनीतिक भेदभाव के बिना सभी को स्वतंत्र मानव अधिकार प्रदान करे." 

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इस्लामिक देश सऊदी अरब ने भी इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है. सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस तरह के घृणित कृत्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता है. इन घृणित और बार-बार गए जा रहे कृत्यों को किसी भी औचित्य के साथ स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

सऊदी अरब ने कहा, 'ऐसे कृत्य स्पष्ट रूप से नफरत और नस्लवाद को उकसाते हैं. ये सहिष्णुता, संयम और चरमपंथ खत्म करने के मूल्यों को आगे बढ़ाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के विरुद्ध हैं. ऐसे कृत्य नागरिक और देश के बीच के संबंधों में पारस्परिक सम्मान को कम करते हैं.'

मोरक्को ने वापस बुलाया अपना राजदूत

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कुरान जलाए जाने की घटना के विरोध में मोरक्को ने स्वीडन से अपने राजदूत को अनिश्चितकाल के लिए वापस बुला लिया है. मोरक्को के विदेश मंत्रालय ने स्वीडन के राजनयिक (chargé d’affaires) को भी समन किया. मोरक्को ने राजनयिक से इस घटना को लेकर अपना असंतोष जाहिर किया और कहा कि इस तरह की घटनाओं को स्वीकार नहीं किया जा सकता.

क्या है ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन?

OIC का पूरा नाम ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन है. इसका हेडक्वार्टर सऊदी अरब के जेद्दाह शहर में है. यह 57 मुस्लिम बहुल देशों का संगठन है. ओआईसी में गल्फ कंट्री सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का दबदबा माना जाता है. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सद्भाव बनाते हुए मुसलमानों की सुरक्षा करना है.

 

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