ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के पाकिस्तान दौरे के बीच अमेरिका ने पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को बड़ा झटका दिया है. अमेरिकी सरकार ने चीन की तीन कंपनियों और बेलारूस की एक कंपनी पर प्रतिबंध लगाया है. ये कंपनियां पाकिस्तान के मिसाइल प्रोजेक्ट के लिए जरूरी सामान मुहैया करा रही थी.
पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट के लिए इक्विप्मेंट सप्लाई करने वाली कंपनियों पर बैन लगा दिया है. जिन कंपनियों पर बैन लगाया गया है, उनमें चीन की तीन कंपनियां और बेलारूस की एक कंपनी शामिल है. इन कंपनियों ने पाकिस्तान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित करने में मदद की है.
अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, चीन की तीन कंपनियों शियान लॉन्गडे टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, तियानजिन क्रिएटिव सोर्स इंटरनेशनल ट्रेड और ग्रेनपैक्ट कंपनी पर बैन लगाया है. इसके साथ ही बेलारूस की मिंस्क व्हील ट्रैक्टर प्लांट पर भी बैन लगाया गया है.
आरोप है कि बेलारूस की कंपनी मिंस्क व्हील ट्रैक्टर ने पाकिस्तान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए स्पेशल व्हिकल चेसिस मुहैया कराए हैं. इन चेसिस का इस्तेमाल पाकिस्तान की बैलिस्टिक मिसाइलों में किया जाता है.
अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियां पाकिस्तान के वेपन्स ऑफ मास डिस्ट्रक्शन (डब्ल्यूएमडी) के मैन्युफैक्चरिंग और प्रमोशन में शामिल हैं. इस बैन के तहत अमेरिका में इन कंपनियों की सभी संपत्तियों को सीज किया जाएगा. इन कंपनियों के मालिकों की अमेरिका की यात्राओं पर भी रोक लगाई गई है. साथ ही अमेरिकी नागरिक भी इन कंपनियों के साथ कारोबार नहीं कर सकेंगे.
अमेरिकी बयान के मुताबिक, इन कंपनियों से मिले इक्विप्मेंट से पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल और लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करने के प्रोग्राम को मदद मिली है. अमेरिका का कहना है कि वह अपने अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के तहत महाविनाश के हथियारों के प्रसार को रोकने और परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए ऐसे नेटवर्कों पर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.
गौर करने वाली बात है कि ये प्रतिबंध ऐसे समय पर लगाए गए, जब ईरान के राष्ट्रपति पाकिस्तान दौरे पर हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल पर ईरान के हमले में चीन के इक्विप्मेंट और बेदू नेविगेशन सिस्टम ने अहम भूमिका निभाई थी. इससे पाकिस्तान के जरिए ईरान और चीन के संबंधों पर सवाल उठे हैं. चीन लंबे समय से पाकिस्तान को मिलिट्री, इकोनॉमिक और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में मदद मुहैया करा रहा है.
बता दें कि इससे पहले अमेरिका ने 2023 में भी पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम में मदद करने के आरोप में चीन की तीन कंपनियों पर पाबंदी लगाई थी.