पाकिस्तान की अदालत ने शुक्रवार को ‘टिकटॉक’ पर लगा प्रतिबंध वापस ले लिया है. इइससे पहले नागरिकों द्वारा कोर्ट को टिकटॉक के खिलाफ देश में अनैतिकता फैलाने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा दिया था. सिंध उच्च न्यायालय ने 28 जून को पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) से कहा था कि वह चीनी ऐप को निलंबित कर दे.
वहीं शुक्रवार को सुनवाई के दौरान प्राधिकरण ने कोर्ट को बताया कि उसने ऐप के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन वह उनसे फैसले की समीक्षा करने और सेवाएं बहाल करने का अनुरोध करते हैं.
अदालत ने प्रतिबंध हटाने की अर्जी स्वीकार करते हुए प्राधिकरण से कहा कि वह अवेदनकर्ता के अनुरोध पर प्रक्रिया तेज करे और पांच जुलाई तक आदेश जारी करे.
इसपर प्राधिकरण के प्रतिनिधि ने अदालत को आश्वासन दिया है कि 'आपत्तिजनक सामग्री' हटाने संबंधी अपील पर अदालत द्वारा दी गई बाद की तारीख में फैसला होगा.अब इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी.
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अमेरिका ने भी हटा लिया था बैन
पिछले महीने अमेरिका में टिकटॉक, वीचैट और अन्य 8 एप्लिकेशन पर बैन लगाने वाले डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर रोक लगा दी गई थी.
बाइडेन प्रशासन द्वारा कहा गया कि हमारी सरकार लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा का माहौल देना चाहती है, हम ग्लोबल डिजिटल इकोनॉमी का समर्थन करते हैं. ऐसे में इस फैसले को वापस लिया गया है और नए सिरे से चीज़ों को देखा जाएगा.
बता दें कि कोरोना संकट की शुरुआत में दुनियाभर में चीन का विरोध हुआ था, इसी दौरान चीनी एप्लिकेशन के जरिए डाटा चोरी की बातें भी सामने आई थीं. तब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने टिकटॉक, वीचैट जैसे एप्स पर बैन लगाने की बात कही थी.
हालांकि, इस आदेश के खिलाफ अमेरिकी कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थी. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से टिकटॉक, वीचैट जैसे एप्स के नए डाउनलोड पर रोक लगाई गई थी. यानी जो पुराने डाउनलोडड एप हैं वो काम करेंगे, लेकिन कोई नया व्यक्ति डाउनलोड नहीं कर पाएगा.