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पाकिस्तान में आज आम चुनाव के नतीजे आ रहे हैं जिसे लेकर अब पाकिस्तानी चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने पहले दावा किया कि पार्टी 154 सीटों पर आगे चल रही है और प्रधानमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार नवाज शरीफ मनसेहरा और लाहौर दोनों सीटों से चुनाव हार रहे हैं लेकिन अचानक से बाजी पलट गई और वो लाहौर नेशनल असेंबली सीट से भारी अंतर से जीत गए हैं.
हालांकि, मनसेहरा में उन्हें पीटीआई समर्थक उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ रहा है. सोशल मीडिया पर सैकड़ों की संख्या में वी़डियो वायरल हो रहे हैं जिसमें मतदान केंद्रों में धांधली का दावा किया जा रहा है.
पाकिस्तान में चुनाव परिणाम को जारी करने की देरी के बीच खबर आ रही है कि मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा गायब हैं. 8 फरवरी, गुरुवार को हुई वोटिंग उसी दिन शाम 5 बजे समाप्त हो गई लेकिन इसके दस घंटे से भी अधिक समय बाद जाकर पहले नेशनल असेंबली सीट की आधिकारिक नतीजों की घोषणा हुई. पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने नतीजों में देरी के लिए इंटरनेट पर पाबंदी को जिम्मेदार ठहराया है.
पहले हार रहे थे नवाज, शहबाज, मरियम लेकिन अचानक हुई जीत
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन ने लिखा है कि मतगणना के शुरुआती नतीजों ने लोगों को चौंका दिया. नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) नतीजों से निराश दिखी और इसके नेता कहीं नजर नहीं आ रहे थे.
शुरुआती मतगणना में टीवी चैनलों पर पीटीआई के समर्थन से चुनाव में उतरे उम्मीदवारों को बढ़त मिलती दिखी. पहले तीन नेशनल असेंबली की सीटों में पीटीआई समर्थित उम्मीदवारों को लगभग विजेता बता दिया गया. लेकिन इसके कुछ ही समय पर टीवी चैनलों पर मतदान केंद्रों से आने वाले नतीजों की रिपोर्टिंग धीमी पड़ गई. कुछ टीवी चैनलों ने तो पीटीआई को मिल रही बढ़त को लेकर अपने आंकड़े बदलने शुरू कर दिए.
चुनाव से पहले पीटीआई को लगातार कार्रवाई का निशाना बनाया गया. पीटीआई उम्मीदवारों ने बताया कि उनके नामांकन पत्र अस्वीकार कर दिए गए, उनका अपहरण किया गया, पुलिस ने उन पर कार्रवाई की और उन्हें चुनाव प्रचार नहीं करने दिया गया. लेकिन शुरुआती नतीजों से लगा कि पाकिस्तान के वोटर्स का विश्वास पीटीआई में बना हुआ है. पीटीआई उम्मीदवार खैबर-पख्तूनख्वा में जीतते नजर आए और पंजाब की बहुत से सीटों पर वो आगे दिखे.
नवाज शरीफ, जिन्हें लेकर माना जा रहा था कि वो चौथी बार फिर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनेंगे, गुरुवार को शुरुआती रुझानों से निराश दिखे. उनके इलेक्शन कक्ष में मौजूद रिपोर्टरों से गुरुवार को कहा गया कि वो चले जाएं और अगले दिन यानी शुक्रवार को वापस आएं.
लेकिन अचानक हुए नाटकीय बदलाव में नवाज शरीफ लाहौर की नेशनल असेंबली सीट 130, उनके भाई शहबाज शरीफ लाहौर की PP-158 सीट और उनकी बहन मरियम नवाज शरीफ PP-159 सीट से चुनाव जीत गए हैं.
पीटीआई ने लगाया धांधली का आरोप
पीटीआई समर्थित कई उम्मीदवारों का कहना है कि रिटर्निंग अधिकारियों ने उन्हें बिना कोई उचित कारण बताए और बिना कोई नतीजा दिए उनके इलेक्शन कक्ष से जबरदस्ती बाहर भेज दिया.
नेशनल असेंबली सीट-128 के पीटीआई समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार सलमान अकरम राजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, 'रिटर्निंग ऑफिसर के ऑफिस में संदिग्ध काम किए गए. उसके बाद मुझे अवैध रूप से परिसर से बाहर निकाल दिया गया है. मेरी अनुपस्थिति में चुनाव परिणाम की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती. मुझे वापस आने की अनुमति दी जानी चाहिए.'
कथित धांधली के वीडियो से पट गया है सोशल मीडिया
पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर सैकड़ों ऐसे वीडियो शेयर किए जा रहे हैं जिसमें दावा किया जा रहा है कि पीटीआई समर्थित उम्मीदवारों को जीतने से रोकने के लिए सभी पैंतरे आजमाए जा रहे हैं.
उधर, पाकिस्तान की पिछली गठबंधन सरकार में विदेश मंत्री रहे बिलावल भुट्टो की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने भी कहा कि मतदान केंद्र-105 से बैलट पेपर छीने गए. सोशल मीडिया पर शेयर एक वीडियो में मास्क पहने कुछ लोग कराची के एक मतदान केंद्र में घुसते दिख रहे हैं. हालांकि, इस तरह के वीडियो की फिलहाल पुष्टि नहीं की जा सकी है.
पाकिस्तान की पत्रकार नेमत खान ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें नेशनल असेंबली सीट 242 के पीपीपी उम्मीदवार कादिर खान मंडोखैल मतदान केंद्र का दरवाजा तोड़कर अंदर जाते दिख रहे हैं. कादिर अंदर जाकर पुलिस और निर्वाचन अधिकारियों की मौजूदगी में बैलट पेपर से भरे बैलट बक्सों को जमीन पर फेंक रहे हैं.
इस बीच, पाकिस्तान चुनाव आयोग ने कहा कि उसने एक मतदान केंद्र पर हमले का संज्ञान लिया है. आयोग ने कहा कि उसने संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को चुनाव अधिनियम की धारा 196 के तहत कादिर खान के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है.
एक अन्य वीडियो कथित तौर पर नेशनल असेंबली सीट 248 के मतदान केंद्र से सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि पांच लोग मिलकर मतदान केंद्र को निशाना बना रहे हैं.
एक तस्वीर भी सामने आई है जिसमें जले हुए बैलट पेपर दिख रहे हैं. कहा जा रहा है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज इलाही की पत्नी कासिरा इलाही, जो पीटीआई की तरफ से चुनाव मैदान में थीं, उनके पक्ष में पड़े वोट वाले बैलट पेपर को जला दिया गया और चुनाव आयोग ने उन्हें रनर-अप घोषित कर दिया. तस्वीर में ढेर सारे जले हुए बैलट पेपर दिख रहे हैं.
जीतने के लिए कितनी सीटें जरूरी?
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 336 सीटें हैं जिसमें 266 उम्मीदवारों का चयन आम चुनाव में वोटिंग के जरिए होता है. बाकी के 70 सीट आरक्षित होते हैं. इनमें 60 सीटें महिलाओं के लिए और 10 सीटें गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों के लिए होती हैं. नेशनल असेंबली में बहुमत के लिए 133 सीटों की जरूरत होती है.
अब तक किस पार्टी को कितनी सीटें
पाकिस्तान चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नेशनल असेंबली के 139 सीटों के परिणाम आ चुके हैं. जिसमें पीटीआई समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार बहुमत में हैं.
आयोग के मुताबिक, स्वतंत्र उम्मीदवारों और पार्टियों की जीती हुई सीटों का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है-
पीटीआई समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार- 55
पीएमएल-एन- 43
पीपीपी- 35
पीएमएल-1
एमक्यीएम-4
जेयूआई- 1