पाकिस्तान में वोटों की गिनती जारी है या रुकी हुई है ये तो वहां की मीडिया भी नहीं जानता, लेकिन नतीजे आने शुरू हो गए हैं. अब खबर है कि नवाज शरीफ चुनाव जीत गए हैं जबकि इससे पहले खबर आई थी कि नवाज हार गए हैं. आतंकी हाफिज सईद का बेटा तलहा हाफिज सईद चुनाव हार गया है. इस बार पाकिस्तान के चुनावी नतीजे एकदम चौंकाने वाले है यानि सेना के मनमुताबिक नतीजे नहीं है.
इमरान खान की पार्टी और उनके समर्थक उम्मीदवार तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. अभी तक 53 सीटों पर नतीजे आ गए हैं जिनमें से 18 पर इमरान के समर्थक जीत गए हैं जबकि नवाज शरीफ की पार्टी 17 सीटों पर जीती है और बिलावल भुट्टो 15 सीटों पर जीत चुके हैं.
इलेक्शन बनाम सेलेक्शन
दरअसल पाकिस्तान मे छिटपुट हिंसा के बीच नेशनल असेंबली की 265 सीटों और राज्यों की करीब 800 सीटों के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था. इस मतदान को लेकर मौजूदा सरकार से लेकर, सेना, चुनाव आयोग और न्यायपालिका तक पर कई गंभीर आरोप लगे. चुनाव से पहले पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जहां जेल में डाल दिया गया तो वहीं चुनाव आयोग उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का चुनाव चिह्न छीन लिया. चुनावी मैदान में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरे इमरान के कैंडिडेट्स को प्रचार तक नहीं करने दिया गया.
पाकिस्तानी मीडिया लगातार ये दावा कर रहा था कि नवाज शरीफ की पार्टी के साथ गठबंधन करने वाले दल चुनाव में एकतरफा जीत हासिल करेंगे. इन सबके बीच जब पाकिस्तान के चुनावी नतीजे आए तो सत्ताधारी दल और सेना हैरान रह गए. तमाम स्थानीय लोगों से लेकर इमरान समर्थकों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में नाम के लिए इलेक्शन करवाए गए हैं जबकि बैकडोर से सेना यहां सलेक्शन करवा रही है यानि अपने हिसाब से उम्मीदवारों को जीता रही है.
दवाब में हटाई गई इमरान की पार्टी की जीत की खबर!
शुरुआत में दावा किया जा रहा था कि पीटीआई समर्थक उम्मीदवार एकतरफा जीत हासिल कर रहे हैं. जैसे ही पाकिस्तानी मीडिया वेबसाइट्स ने खबर दिखाना शुरू कर दिया कि इमरान बढ़त बनाए हुए हैं तो सरकार और सेना के कथित दवाब के बाद उन्होंने खबर को हटा लिया और फिर इंटरनेट सेवाएं ही बंद कर दी है. इमरान की पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया तो कई चैनलों ने सीटों की ताजा स्थिति दिखाना बंद कर दिया. यानि साफ था कि उन्हें सरकार और सेना की तरफ से इमरान की खबर को नहीं दिखाने का आदेश रहा होगा.
धांधली के सबूत, नतीजों का उड़ा मजाक
पाकिस्तान में वोटों की गिनती में बड़ी धांधली हो रही है, ये आरोप इमरान खान के समर्थक लगा रहे हैं.पीटीआई के आरोपों के कुछ सबूत भी सामने आ रहे है. इमरान समर्थक औऱ पंजाब प्रांत के पूर्व सीएम चौधरी परवेज ने कुछ तस्वीरें शेयर की हैं जिसमें बैलट पेपर जला हुआ दिखाई दे रहा है. चौधरी परवरेज का दावा है कि पीटीआई समर्थकों को चुनाव हरवाया जा रहा है.
जिस तरह से पाकिस्तान में धांधली कर चुनाव हुए उसी तरह अब रिजल्ट भी जारी हो रहे हैं. जो नतीजे आज सुबह तक किसी भी हालत में जारी हो जाने चाहिए थे, वो अभी तक घोषित नहीं हो सके हैं. इसे लेकर सोशल मीडिया में पाकिस्तान का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है.
आतंकी भी थे चुनावी मैदान में
इस चुनाव में आतंकियों की पार्टी भी मैदान में उतरी हुई थी. मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से जुड़ी पार्टी मरकजी मुस्लिम लीग के कई उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे. खुद हाफिज सईद के बेटे ने इसी पार्टी के तहत चुनाव लड़ा था लेकिन उसे शिकस्त का सामना करना पड़ा. इस पार्टी की ओर से जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और मिल्ली मुस्लिम लीग जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लोग कैंडिडेट बनाए गए थे. फिलहाल अधिकांश आतंकी चुनाव हारते हुए दिख रहे हैं. हाफिज सईद ने अपने बेटे हाफिज तलहा सईद को लाहौर से उम्मीदवार बनाया लेकिन उसे इतनी करारी शिकस्त मिली की वह तीसरे नंबर पर रहा.
चुनाव आयुक्त हुए गायब!
पाकिस्तान में वोटों की गिनती के बीच एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया है. सोशल मीडिया में कई लोगों ने दावा किया कि पीटीआई के उम्मीदवारों की जीत की खबर मिलने के बाद देश के मुख्य चुनाव आयुक्त 'गायब' हो गए और उन्हें ढूंढा नहीं जा सका. हालाकि कुछ देर बाद ही खबर आई कि वह अपने कार्यालय में वापस आ गए हैं. एक अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक के उप निदेशक ने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल का हवाला देते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त "गायब हो गए हैं. उन्होंने एक प्रमुख पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट के पत्रकार की एक पोस्ट भी साझा की, जिसमें कहा गया, "मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मतगणना के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त अपने कार्यालय से चले गए और अभी तक कार्यालय में वापस नहीं आए हैं.