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आर-पार की लड़ाई के मूड में इमरान खान, अब PTI ने मांगा मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा

पाकिस्तान में चुनावी नतीजे के दस दिनों बाद भी कोई भी दल सरकार नहीं बना सकी है. इमरान खान की पार्टी पीटीआई भी सरकार बनाना चाहती है. पीटीआई की तरफ से अब मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई है, जिनकी अगुवाई में कथित रूप से चुनाव में धांधली हुई.

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पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान. (फाइल फोटो)
पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान. (फाइल फोटो)

पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी ने अब चीफ इलेक्शन कमिश्नर का इस्तीफा मांगा है. आरोप लगाया है कि उनकी अगुवाई में ही चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की गई. पीटीआई का कहना है कि सीईसी सिकंदर सुल्तान राजा 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' चुनाव कराने में विफल रहे. पीटीआई के पूर्व चीफ इमरान खान ने जेल से ही पार्टी अध्यक्ष गोहर खान को उनका इस्तीफा मांगने को कहा है.

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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख गोहर खान ने अदियाला जेल में बंद इमरान खान से मुलाकात की है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि पूर्व पीएम ने उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने का निर्देश दिया है. 

पीटीआई प्रमुख और बैरिस्टर गोहर खान ने कहा, "आज खान साहब से मुलाकात के बाद, पीटीआई मांग करती है कि सीईसी इस्तीफा दें. उन्हें एक भी दिन पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है." गोहर खान ने कहा, "चूंकि सीईसी अपने कर्तव्य का पालन करने में फेल रहे इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.

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इमरान खान से सीईसी का मतभेद

पाकिस्तान के चीफ इलेक्शन कमिश्नर एक रिटायर्ड सिविल सर्वेंट हैं. उन्हें इमरान खान सरकार में जनवरी 2020 में पाकिस्तान चुनाव आयोग के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था. हालांकि, इसके कुछ दिनों बाद ही इमरान खान और सीईसी के बीच कुछ मतभेद हो गए और उन्होंने उनकी आलोचना करना शुरू कर दिया. अप्रैल 2022 में इमरान खान को सत्ता से बेदखल कर दिया गया. बाद में वह पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए और कई मामलों में लंबी जेल की सजा काट रहे हैं.

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इमरान खान समर्थित कैंडिडेट ने जीतीं 93 सीटें

पाकिस्तान में 8 फरवरी को चुनाव हुए थे, जहां इमरान खान की पार्टी पीटीआई समर्थित 93 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. हालांकि, पार्टी ना होने और बहुमत नहीं होने के अभाव में वे सरकार नहीं बना सके. नवाज शरीफ और बिलावल भुट्टो की पार्टी कुछ छोटे दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे थे, लेकिन अब तक कुछ फाइनल नहीं हुआ है.

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रावलपिंडी के चुनाव आयुक्त थे "व्हिसलब्लोअर"

इमरान खान की पार्टी ने रावलपिंडी के चुनाव आयुक्त लियाकत चट्ठा और उनके परिवार के लिए सुरक्षा भी मांगी है, जिन्होंने चुनाव में धांधली के आरोपों को कुबूल करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. पीटीआई चीफ का कहना है कि वह "व्हिसलब्लोअर" थे, जिन्होंने चुनाव में धांधली को लेकर पुख्ता तौर पर खुलासा किया.

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