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चीन के लिए रवाना हुए PAK विदेश मंत्री, कोरोना संकट पर करेंगे बात

पाकिस्तान और चीन के बीच की नज़दीकियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री चीन की यात्रा पर रवाना हुए हैं, जहां कई मसलों पर चर्चा में वो हिस्सा लेंगे.

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चीन के लिए रवाना हुए शाह महमूद कुरैशी
चीन के लिए रवाना हुए शाह महमूद कुरैशी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पाकिस्तान के विदेश मंत्री की चीन यात्रा
  • इमरान खान से मुलाकात के बाद हुए रवाना
  • कोरोना समेत कई मसलों पर करेंगे चर्चा

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी गुरुवार को चीन-पाकिस्तान विदेश मंत्रियों के रणनीतिक वार्ता के दूसरे दौर में भाग लेने के लिए चीन की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए.

डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रवाना होने से पहले जारी एक वीडियो संदेश में कुरैशी ने कहा कि वह 'चीन की बहुत महत्वपूर्ण यात्रा' पर जा रहे हैं और दौरे पर निकलने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ चर्चा की है.

वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं, "मैं चीन की बहुत महत्वपूर्ण यात्रा पर जा रहा हूं. मैंने कल (बुधवार) इस यात्रा के संबंध में प्रधानमंत्री के साथ चर्चा की.मेरा प्रतिनिधिमंडल देश के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के रुख का प्रतिनिधित्व करेगा."

वह आगे कह रहे हैं, "मुझे उम्मीद है कि विदेश मंत्री वांग यी से मेरी मुलाकात दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होगी." विदेशी मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, कुरैशी और वरिष्ठ अधिकारी चीन के हैनान प्रांत का दौरा करेंगे, जहां वह वार्ता में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे.

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वहीं स्टेट काउंसलर और फॉरेन मिनिस्टर वांग यी बातचीत के दौरान चीनी पक्ष का नेतृत्व करेंगे. डॉन न्यूज ने एक बयान के हवाले से कहा, "वार्ता में दोनों पक्ष कोविड -19, द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग जैसे विषय पर चर्चा करेंगे."

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि, "यह वार्ता पाकिस्तान-चीन के बीच 'ऑल-वेदर स्ट्रेटेजिक कोऑपरेटिव पार्टनरशिप' को और मजबूत बनाने और कई मुद्दों पर चीन के साथ रणनीतिक संचार और समन्वय को गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी." 

चीन-पाकिस्तान विदेश मंत्रियों के रणनीतिक वार्ता का पहला दौर मार्च 2019 में हुआ था. चीन और पाकिस्तान के बीच काफी लंबे वक्त से नजदीकियां बढ़ रही हैं, चीन लगातार पाकिस्तान में निवेश कर और उसे कर्ज देकर अपने शिकंजे में ले रहा है. पाकिस्तान में भी कई तबके चीन की इस चाल का लगातार विरोध करते आ रहे हैं.

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