पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने नवाज शरीफ पर तंज कसते हुए कहा है कि 'मैं नवाज शरीफ नहीं हूं' कि जेल से बाहर आने के लिए सेना के साथ सौदा करूं. दरअसल पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ ने अतीत में दो बार सेना से समझौता कर के पाकिस्तान छोड़ दिया था.
शरीफ ने पहली बार साल 2000 की शुरुआत में तत्कालीन सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद देश छोड़ दिया था, वहीं शरीफ ने दूसरी बार 2019 में तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ समझौता कर देश छोड़ दिया.
'मैं सेना से कोई डील नहीं करूंगा'
इमरान खान ने कहा कि मैं साफ कर देना चाहता हूं कि चाहे जितना भी षड्यंत्र किया जाए, मैं कोई डील नहीं करूंगा. मैं नवाज शरीफ नहीं हूं, जो भ्रष्टाचार कर के कमाए गए अरबों रुपये को माफ कराना चाहता है. इमरान खान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर बुधवार को कहा कि मैं पाकिस्तान में रहा हूं और यहीं मरूंगा, उन्होंने आगे कहा कि मैं हमेशा अपने देश के लिए खड़ा रहूंगा.
जेल में अमानवीय व्यवहार हो रहा है
इमरान खान ने जेल में बंद अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार के लिए सेना और सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाएंगे. उन्होने कहा कि पाकिस्तान में राजनीतिक कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है. सैन्य हिरासत में हमारे कार्यकर्ताओं को गंभीर मानसिक और शारीरिक यातना दी गई. मेरे साथ भी बेहद खराब व्यवहार किया गया है. सामी वज़ीर सहित कई लोगों को क्रूर यातना का सामना करना पड़ा है.
इमरान खान की यह टिप्पणी उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी और सेना समर्थक शहबाज शरीफ सरकार के बीच चल रही बातचीत के दौरान आई है. जिसमें ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि सफल बातचीत के बाद वह जेल से बाहर आ सकते हैं. सामी वज़ीर सहित कई लोगों को क्रूर यातना का सामना करना पड़ा है.
कंपनियां देश छोड़ कर जा रही हैं
इमरान खान मौजूदा सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मेधावी लोग और निवेशकर्ता तेजी से देश छोड़ कर जा रहे हैं. क्योंकि देश का माहौल स्थिर नहीं है. उन्होंने कहा कि देश की स्थिरता पर अब लोगों को भरोसा नहीं है. साथ ही पाकिस्तानी कंपनियां देश छोड़ अपना कारोबार दुबई ले जा रही हैं.