पाकिस्तान में सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों पर बीती 9 मई को हुए हमलों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई से कई सीनियर नेताओं ने इस्तीफा दे दिया था. पंजाब प्रांत के पूर्व प्रांतीय सांसदों के एक ग्रुप ने सोमवार को एक नया संगठन बनाया, जिसका नाम 'डेमोक्रेट्स' रखा गया है.
पंजाब प्रांत के पूर्व गृह मंत्री हाशिम डोगर, जिन्होंने पिछले महीने खान की पीटीआई छोड़ दी थी, इस संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मुराद रास भी शामिल हैं. हालांकि इसको लेकर कुछ स्पष्ट नहीं है कि यह संगठन पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) या पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) जैसे कुछ बड़े राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन करेगा या नहीं. 'डेमोक्रेट्स' को पाकिस्तान के चुनाव आयोग के साथ पंजीकरण की योजना को लेकर भी कोई जानकारी नहीं है.
डॉन अखबार ने डॉ. रास के हवाले से कहा, "एक बात स्पष्ट है कि डेमोक्रेट्स सत्तारूढ़ पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के विरोध के रूप में काम करना जारी रखेंगे." बीती 9 मई को अर्धसैनिक बल के रेंजरों ने पीटीआई चीफ इमरान खान को इस्लामाबाद हाई कोर्ट परिसर से भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गया था.
इमरान की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने लाहौर कॉर्प्स कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन समेत एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी.भीड़ ने पहली बार रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी धावा बोल दिया.
9 मई की हिंसा के बाद शुरू हुई कार्रवाई
9 मई को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शुरू हुई कार्रवाई ने पीटीआई को एक गहरे अस्तित्व के संकट में डाल दिया है, जिसमें पार्टी के दर्जनों प्रमुख नेता रोजाना पार्टी छोड़ रहे हैं. इमरान ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तानी 'अंधेरे युग' में रह रहे हैं क्योंकि अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय की चुप्पी के बीच उनके समर्थकों के खिलाफ नाजी जर्मनी-युग के रिश्तेदारी की सजा का इस्तेमाल कर रहे थे.
फवाद, मजारी समेत कई 100 नेताओं ने छोड़ी पीटीआई
पीटीआई के महासचिव असद उमर, सीनियर नेता फवाद चौधरी, पूर्व मंत्री शिरीन मजारी के अलावा प्रमुख विधायकों डोगर और रास समेत 100 नेताओं ने पार्टी छोड़ दी थी. बीते महीने पाकिस्तान की संसद के निचले सदन, नेशनल असेम्बली ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें 9 मई को हिंसा करने वाले लोगों पर कठोर सेना अधिनियम और आधिकारिक गोपनीयिता अधिनियम समेत मौजूदा कानूनों के तहत मुकदमा चलाने का संकल्प लिया है.
बीते साल अप्रैल में इमरान को पीएम पद से हटाया गया
बता दें कि पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान को बीते साल अप्रैल में अविश्वास मत हारने के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया गया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि वह अमेरिका के नेतृत्व वाली साजिश के हिस्सा थे क्योंकि उनकी रूस, चीन और अफगानिस्तान पर उनकी स्वतंत्र विदेश नीति के फैसलों के कारण उन्हें निशाना बनाया गया था.