आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने अपने लोगों से चाय का इस्तेमाल कम करने की अपील की है. पाकिस्तानी योजना और विकास मंत्री अहसान इकबाल ने जनता से चाय की खपत कम करने का आग्रह करते हुए कहा कि इस कदम से सरकार को आयात खर्च को कम करने में मदद मिलेगी. पाकिस्तान की सरकार कर्ज लेकर चाय का आयात कर रही है और चाहती है कि इस पर आनेवाले आयात खर्च को कम किया जा सके.
मंत्री ने व्यापारियों और देश के लोगों से अपील की है कि वे देश को संकट की स्थिति से निकालने में मददगार बनें. उन्होंने व्यापारियों से कहा है कि देश बिजली संकट से जूझ रहा है इसलिए बाजार रात 8:30 बजे तक बंद कर दिया जाए.
पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को राजधानी इस्लामाबाद में मीडिया से बात करते हुए अहसान इकबाल ने कहा, 'मैं देश के लोगों से चाय का सेवन रोजाना एक या दो कप कम करने की अपील करता हूं, क्योंकि हम चाय के आयात के लिए भी पैसे उधार लेते हैं.'
पाकिस्तान की सरकार ने पिछले महीने ही आयात खर्च कम करने के लिए 41 वस्तुओं के आयात पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन इससे कुछ ज्यादा फायदा होता नहीं दिखा रहा है. इस आयात प्रतिबंध से आयात बिल में महज 60 करोड़ डॉलर की कमी आई है. ये कुल आयात खर्च का 5 प्रतिशत है.
सरकार के इस फैसले से कारों, मोबाइल फोन, सौंदर्य प्रसाधन, सिगरेट, खाद्य उत्पादों, कुछ कपड़ों और प्रसाधनों के आयात पर असर पड़ा है.
मीडिया से बात करते हुए इकबाल ने पाकिस्तान की पिछली सरकार पर अर्थव्यवस्था को नष्ट करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी ने देश की अर्थव्यवस्था को तबाह किया और ये कहते हुए अपना अपराध स्वीकार लिया कि हमारी सरकार सत्ता में आकर फंस गई है.
शहबाज शरीफ के मंत्री ने कहा कि वे देश को बचाने के लिए सत्ता में आए हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले कुछ महीनों में अर्थव्यवस्था स्थिर हो जाएगी.
इकबाल ने ये भी कहा कि वे कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर दे रहे हैं और किसानों को गेहूं, चीनी और कपास के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों को पाम तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कहा जा रहा है ताकि देश को इसके निर्यात से विदेशी मुद्रा प्राप्त हो सके.