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अफगान पहाड़ियों में तालिबानी आतंकियों को ट्रेनिंग दे रही पाक आर्मी!

सुरक्षा एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि इन आतंकवादियों को पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस ग्रुप के कमांडो ट्रेनिंग दे रहे हैं. ट्रेनिंग के बाद इन आतंकवादियों को कश्मीर घाटी में बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए लॉन्च पैड पर लाने का एक प्लान है.

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सीमा पर जवानों की चौकसी (फाइल फोटो)
सीमा पर जवानों की चौकसी (फाइल फोटो)

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  • 'आजतक' को मिली खुफिया जानकारी में खुलासा
  • 380 से ज्यादा आतंकवादियों को दी जा रही ट्रेनिंग

'आजतक' को खुफिया एजेंसियों की जो रिपोर्ट हाथ लगी है उसमें एक बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की आर्मी अफगानिस्तान- पाकिस्तान के बॉर्डर की पहाड़ियों में किसी गुप्त जगह पर तालिबानी, अफगानी और पठानी आतंकियों को हथियारों की ट्रेनिंग दे रही है.

सुरक्षा एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि इन आतंकवादियों को पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस ग्रुप के कमांडो ट्रेनिंग दे रहे हैं. ट्रेनिंग के बाद इन आतंकवादियों को कश्मीर घाटी में बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए लॉन्च पैड पर लाने का एक प्लान है. सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि पाक अधिकृत कश्मीर के कई लॉन्च पैड को पाकिस्तान की आर्मी सीजफायर की आड़ में सक्रिय कर चुकी है. यहां पर करीब 380 से ज्यादा आतंकवादियों को इकट्ठा किया गया है.

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डिफेंस इस्टैब्लिशमेंट की रिपोर्ट की मानें तो यह पिछले महीने लॉन्च पैड पर आतंकियों की मौजूदगी से 22 फीसदी ज्यादा की संख्या बताई जा रही है. जम्मू कश्मीर में जिस तरीके से पिछले साल आर्टिकल 370 हटाया गया उसका एक साल पूरा हुआ है. इस एक साल पूरे होने के बाद पाकिस्तान बौखलाहट में है और बदला लेना चाहता है. दूसरी ओर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां कश्मीर घाटी में सतर्क हैं और लगातार ऑपरेशन चला रही हैं. इस कार्रवाई में डेढ़ सौ के आसपास आतंकी इस साल अब तक मारे जा चुके हैं.

कश्मीर घाटी में लगातार आतंकियों के पिछलग्गू ओवरग्राउंड वर्कर को भी सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार कर रही हैं. इन ओवरग्राउंड वर्कर की कमी की वजह से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई एक नई चाल चल रहा है. इसमें महिला ओवरग्राउंड वर्कर को वह हथियार पहुंचाने और आतंकियों तक मैसेज देने के लिए इस्तेमाल कर रहा है. खुफिया रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि महिला और ग्राउंड वर्कर के जरिए विदेशी आतंकी स्थानीय मदद लेने में जुटे हुए हैं.

सुरक्षा मामलों के जानकारों का यह कहना है कि आतंकी पहले भी महिला ओवरग्राउंड वर्कर का इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन खुलकर ये महिलाएं सामने नहीं आई हैं. जानकारी के मुताबिक, दुखतराने मिल्लत की चीफ़ आसिया अंद्राबी और उनकी टीम के लोग इसी तरीके का आतंकियों को हथियार पहुंचाने और मैसेज देने का काम करते थे. एनआईए की कार्रवाई के बाद आसिया अंद्राबी और उसकी टीम का खात्मा हुआ है. उसके बाद अब आतंकी और उनके रहनुमा नई महिला ओवरग्राउंड वर्कर की टीम को खड़ा करने में जुटे हुए हैं.

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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और उनको फंडिंग करने वाले लोगों के खिलाफ टेरर फंडिंग की एनआईए ने कार्रवाई की, तब पाई पाई के लिए मोहताज इन आतंकवादियों के लिए अलग से नए-नए मॉड्यूल से पैसा पहुंचाने के तरीके ढूंढे जा रहे हैं. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई फंडिंग के लिए नया तरीका निकाला है. अब टिफिन बॉक्स के जरिए पैसा आतंकियों और उनके कमांडर्स को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. पिछले दिनों जम्मू पुलिस ने आतंकी फंडिग की ऐसी ही कोशिश में एक डोडा के रहने वाले युवक को गिरफ्तार किया. यह शख्स आतंकी ग्रुप लश्कर ए तैयबा के आतंकियों को टिफिन बॉक्स के जरिये पैसे पहुंचाता था. पुलिस ने टिफिन बॉक्स से डेढ़ लाख रुपये बरामद कर आतंकियों की बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया था.

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