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बाइक पर आए हमलावर, घर की घंटी बजाई... सरबजीत के गुनहगार सरफराज को ऐसे मिली मौत

पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के करीबी आमिर सरफराज की हत्या कर दी गई है. वह अपने घर में था जब दो अज्ञात हमलावर उसके घर पहुंचे. उन्होंने डोरबेल बजाई और जैसे ही आमिर ने दरवाजा खोला, हमलवारों ने उसपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जहां बताया जाता है कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

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लाहौर में मारा गया सरबजीत का गुनहगार
लाहौर में मारा गया सरबजीत का गुनहगार

पाकिस्तान के अंडरवर्ल्ड डॉन आमिर सरफराज उर्फ तांबा की उसके घर में घुसकर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. वह लाहौर में अपने घर में था जब उसे गोली मारी गई. बाइक पर सवार होकर दो 'अज्ञात हमलावर' उसके घर पहुंचे थे. हमलावरों ने घर का डोरबेल बजाया. दरवाजा आमिर सरफराज ने खोला. जैसे ही उसने दरवाजा खोला हमलावरों ने घर में घुसकर आमिर को ताबड़तोड़ गोलियां मार दी.

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बताया जा रहा है कि तकरीबन 4-5 राउंड गोली आमिर सरफराज को लगी. हमलावर 1.30 बजे पहुंचे थे. उसे गोली मारकर वे फरार हो गए. कई गोलियों से घायल आमिर सरफराज को बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया. हालांकि, सूत्रों की मानें तो आमिर की मौके पर ही मौत हो गई थी.

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टॉप आतंकियों में दहशत का माहौल

आपको बता दें की लाहौर में आतंकी संगठन ही लश्कर-ए-तोयबा का हेड ऑफिस है. आमिर की हत्या से लश्कर के टॉप आतंकियों में दहशत का माहौल है. सरबजीत की हत्या के बाद आमिर का लाहौर में रसूख बढ़ गया था. हमेशा आमिर के आस-पास सुरक्षाकर्मी तैनात होते थे.

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पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी आईएसआई ने आमिर को सुरक्षा दी हुई थी. आमिर सरफराज का जन्म 1979 में लाहौर में हुआ था. वह लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक का करीबी सहयोगी था.

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सरबजीत पर हमले के बाद चर्चा में आया

जेल में सरबजीत सिंह पर हमला करने के आरोप में आमिर सरफराज और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. हालांकि, सरफराज को उसके खिलाफ "सबूतों की कमी" का हवाला देते हुए 2018 में पाकिस्तान की एक अदालत ने बरी कर दिया था. वह "लाहौर का असली डॉन" के रूप में मशहूर था. कुख्यात आमिर सराफराज "ट्रकेनवाला गिरोह" का हिस्सा था और प्रोपर्टी डीलिंग और ड्रग तस्करी में लगा हुआ था.

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