पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थकों के खिलाफ मिलिट्री ट्रायल जारी है. ये मामले सैन्य संस्थानों पर अटैक को लेकर दर्ज किए गए थे और इसका ट्रायल मिलिट्री कोर्ट में हो रहा है. इमरान खान की पार्टी पीटीआई लगातार इसका विरोध करती रही है. अब यहां के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने इसका बचाव किया है और पीटीआई पर मामले के राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने बुधवार को मिलिट्री कोर्ट्स द्वारा नागिरकों की सुनवाई के समर्थन में बयान दिया. उन्होंने इसे राष्ट्र रक्षा संस्थानों पर हमलों के मामलों को निपटाने के लिए सक्षम बताया. तराड़ ने विपक्षी दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता इमरान खान से अपील की कि वे मामले का राजनीतिकरण न करें.
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ब किसी रक्षा संस्था पर हमला होता है तो...
मीडिया से बातचीत में सूचना मंत्री ने कहा, "जब किसी रक्षा संस्था पर हमला होता है या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है कि वे दोषियों को पकड़ें. जैसे रेलवे पुलिस रेलवे परिसर में अपराधों को संभालती है, वैसे ही सेना अदालतें सैन्य संपत्तियों पर हमलों से जुड़े अपराधों की सुनवाई करती हैं."
तराड़ ने इमरान खान की पार्टी पर आरोप लगाया कि वे मिलिट्री कोर्ट को विवाद खड़ा करने का साधन बना रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलिट्री कोर्ट्स सिर्फ डिफेंस इंस्टीट्यूशन पर हमलों से संबंधित मामलों की सुनवाई करती हैं, जैसे लाहौर में कोर कमांडर हाउस पर हमले का मामला शामिल है.
जब इमरान खान की सरकार थी तो...
मंत्री ने पीटीआई पर मिलिट्री कोर्ट्स में आम नागरिकों के मामले की सुनवाई पर बदलते रुख का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि इमरान खान के कार्यकाल के दौरान मिलिट्री कोर्ट की सराहना की गई थी, लेकिन अब वे ही लोग इंटरनेशनल मोर्चे पर इसके खिलाफ प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मिलिट्री कोर्ट निष्पक्ष सुनवाई करती हैं और अदालत पर अन्याय के आरोपों को उन्होंने खारिज किया.
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मई 2023 में हुआ था विरोध-प्रदर्शन
गौरतलब है कि मई 2023 में इमरान खान के समर्थकों ने देशभर में बड़ी रैली निकाली थी. इसमें इमरान खान को रिहा करने और उनके ऊपर लगे मामलों को साजिश करार दिया गया था, और इमरान की रिहाई की मांग की गई थी. इस दौरान दावा है कि समर्थकों ने सैन्य संस्थानों को भी निशाना बनाया था और आगजनी और लूटपाट की थी. इसको लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए थे, जिसका ट्रायल मिलिट्री कोर्ट में चल रहा है.