पाकिस्तान में कुछ मौलवियों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. शनिवार को मुफ्ती कैसर फारूक की कराची में अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी.
यह पहला मौका नहीं है, जब पाकिस्तान में इस तरह से आतंकियों को निशाना बनाया गया हो. इससे पहले खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पंजवड़, एजाज अहमद अहंगर, बशीर अहमद पीर जैसे तमाम आतंकियों को भी अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया.
पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक, 30 साल के कैसर की सामनाबाद इलाके में एक धार्मिक संस्थान के पास गोली मार दी गई. इसके बाद कैसर को अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
पाकिस्तान में आतंकियों की उड़ी नींद
पाकिस्तान में लगातार हो रही हत्याओं ने आतंकियों की नींद उड़ा रखी है. इसी साल 6 मई को पाकिस्तान के लाहौर में गुमनाम क़ातिलों ने खालिस्तान कमांडो फोर्स के चीफ परमजीत सिंह पंजवड़ की गोली मारकर हत्या कर दी थी. खालिस्तानी आतंकी लंबे वक्त से पाकिस्तान में छिपा था. परमजीत पाकिस्तान के लाहौर में ही रहकर काम कर रहा था. वह पाकिस्तान में युवाओं के लिए हथियारों की ट्रेनिंग की व्यवस्था कर रहा था. साथ ही भारत में VIPs पर हमला करने के लिए हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति करता था. वह अल्पसंख्यकों को भारत सरकार के खिलाफ भड़काने के उद्देश्य से रेडियो पाकिस्तान पर देशद्रोही और अलगाववादी कार्यक्रम प्रसारित कर रहा था. वह ड्रग्स की तस्करी में भी सक्रिय था और तस्करों व आतंकवादियों के बीच एक प्रमुख माध्यम था.
20 फरवरी 2023: बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज
जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रहने वाले बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम की पाकिस्तान में अज्ञात हमलावर ने गोली मारकर हत्या कर दी. हिजबुल मुजाहिदीन के लॉन्चिंग कमांडर रहे बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम को रावलपिंडी में गोलियों से भून दिया गया था. पिछले ही साल भारत सरकार ने उसे आतंकी घोषित किया था. वह रावलपिंडी में बैठकर ही जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करने वाले आतंकियों के लिए रसद और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने का काम करता था.
22 फरवरी: एजाज अहमद अहंगर
आतंक की किताब कहे जाने वाला एजाज अहमद अहंगर की 22 फरवरी, 2023 को अफगानिस्तान के काबुल में हत्या कर दी गई. भारत में इस्लामिक स्टेट (आईएस) को फिर से शुरू करने में जुटा एजाज अल कायदा के भी संपर्क में था. 1996 में कश्मीर की जेल से छूटने के बाद वह पाकिस्तान भाग गया और फिर वहां से अफगानिस्तान चले गया. भारत सरकार ने ने उसे मोस्ट वांटेड आतंकी की सूची में रखा था. अहंगर का जन्म 1974 में श्रीनगर के नवाकदल में हुआ था. उसका अल-कायदा और अन्य वैश्विक आतंकी संगठनों से निकट संबंध था.
26 फरवरी: सैयद खालिद रजा
पाकिस्तान में अल बद्र के पूर्व कमांडर सैयद खालिद रजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अल बद्र एक कट्टर संगठन है, जो कश्मीर में आतंकियों को ट्रेंड कराता था. सैयद खालिद रजा की कराची में उसके घर के बाहर ही अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. शूटर ने रजा के सिर पर गोली मारी थी.वह कश्मीर में आतंकवाद फैलाने में सक्रिय था.
4 मार्च, 2023: सैयद नूर का खात्मा
भारत की वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल सैयद नूर शालोबर को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने मार डाला था। शालोबार पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर कश्मीर में आतंकवाद फैलाने का काम करता था और नए आतंकियों की फौज को ट्रेंड करता था.
रावलकोट में मोहम्मद रियाज का काम तमाम
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद से 130 किलोमीटर दूर रावलकोट की एक मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान आतंकी मोहम्मद रियाज की हत्या कर दी गई थी. एक अंजान हत्यारे ने उसके शरीर पर चार गोलियां दागी थीं.
मोहम्मद रियाज को अबू कासिम कश्मीरी के नाम से भी जाना जाता था. इसी साल कश्मीर में पांच जवानों की हत्या कर दी गई थी. इसका जिम्मेदार अबु कासिम ही था. उसे इस्लामिस्ट गुरिल्ला लीडर कहा जाता था, जो छुपकर भारतीय जवानों पर हमला किया करता था.