पाकिस्तान की खस्ता माली हालत के बीच देश की सरकारी विमानन कंपनी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन (PIA) के पायलट्स ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पायलट्स का कहना है कि उन्हें रमजान के पाक महीने में भी उनका लंबित वेतन नहीं मिल रहा है. इस वजह से वे पायलट विमान उड़ाने का बायकॉट करने पर विचार कर रहे हैं.
एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार फंड नहीं होने की वजह से पीआईए के पायलट सहित पूरे स्टाफ को वेतन नहीं दे पा रही है.
'एफबीआर का पीआईए पर चला चाबुक'
पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन के पायलट निराश हैं क्योंकि उन्हें रमजान के महीने में भी अपना लंबित वेतन नहीं मिला. वित्तीय संकट के बीच फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (एफबीआर) ने पीआईए के अकाउंट से 1.4 अरब रुपये डिडक्ट कर लिए हैं जबकि वित्त मंत्रालय ने पीआईए एडमिनिस्ट्रेशन के जरिए 0.3 अरब रुपये अकाउंट में जमा कराए हैं.
इसके अलावा एफबीआर अगले हफ्ते तक पीआईए से 1.7 अरब रुपये की और टैक्स राशि जमा करने की मांग कर रही है.
'रमजान के महीने में वेतन दे दें'
पीआईए के कर्मचारियों की मांग है कि मौजूदा महंगाई और रमजान के महीने के बीच सरकार उनका वेतन नहीं रोके. इसके अलावा पीआईए पायलट विमान नहीं उड़ाने पर भी विचार कर रहे हैं.
इससे पहले वित्त मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने हर संभव तरीके से सिविल एविएशन अथॉरिटी (सीएए), पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) और पाकिस्तान रेलवे के प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने के लिए पूरा समर्थन करने का आश्वासन दिया था.
'पायलट देश छोड़ रहे'
इससे पहले पिछले महीने पाकिस्तानी संसद की उड्डयन मामलों की स्थायी समिति ने सूचित किया था कि देश में बड़ी संख्या में पायलट हाल ही में देश छोड़कर चले गए हैं. दिवालिया हो चुकी सरकारी एयरलाइन पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के सीईओ आमिर हयात ने बताया था कि हाल ही में 15 पायलट देश छोड़कर जा चुके हैं.
हयात ने कहा था कि पीआईए नए पायलटों की भर्ती करना चाहती है लेकिन मंजूरी नहीं मिल पा रही है. इसके साथ ही पीआईए पर अरबों रुपये का बकाया होने की भी बात सामने आई थी.