पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फिर दोहराया है कि वे प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि अगर मैं इस्तीफा देता हूं तो ऐसा करने विदेशी साजिश का समर्थन करने जैसा होगा, जो मैं कभी नहीं करूंगा. इससे पहले पाकिस्तान पॉलिटिकल कमेटी प्रधानमंत्री इमरान खान को सामूहिक इस्तीफे का प्रस्ताव दिया था. इसके अलावा पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भी इमरान खान को इस्तीफा देने की सलाह दी थी.
वहीं शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक के बाद एक न्यूज चैनल से बात करते हुए इमरान खान ने कहा कि हम पाकिस्तान की जनता के साथ हैं. हमारे कार्यकाल के दौरान मुल्क की छवि दुनिया में अच्छी हुई है. हमने जनता के भले के लिए राजनीति की. बता दें कि इमरान खान आज रात 10 बजे पाकिस्तान की जनता को संबोधित कर सकते हैं.
न्यूज चैनल से बात करते हुए इमरान ने कहा कि सियासत में मकसद के साथ आया था. हमने जनता की सेवा की. जनता भी हमारे साथ है. दुनिया में पाकिस्तान की मिसाल कायम की है. उन्होंने कहा कि पीएम मुल्क के लिए पिता की तरह होता है. इमरान खान ने कहा कि जब एक व्यक्ति कहता है कि उसका देश एक भिखारी देश है और फिर वह नेता बनने की कोशिश करता है, तो वह राष्ट्र कभी महान नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में खतरनाक सामग्री फैल रही है। हम अपने बच्चों को इस्लाम के मूल्यों को सीखने की संभावना देना चाहते हैं. इमरान ने कहा कि धन की मूर्ति मनुष्य को महान बनने से रोकती है, धन की लालसा मनुष्य को विनाश के मार्ग पर ले जाती है.
उधर, इमरान कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि कैबिनेट ने बाहरी खतरे और उनके आंतरिक हैंडलर की जांच के लिए लेफ्टिनेंट जनरल तारिक खान के तहत एक आयोग का गठन करने का फैसला किया है. कैबिनेट ने जांच और रिपोर्ट सौंपने के लिए 90 दिन का समय दिया है. कैबिनेट ने कल ECI के रुख पर भी हमला किया कि वे सात महीने में चुनाव नहीं कर सकते. फवाद चौधरी ने यह भी कहा कि हमारे पास आठ असंतुष्ट सांसदों के विदेशी व्यक्तियों के संपर्क में होने के सबूत हैं.
इमरान के सभी सांसद और विधायक दे सकते हैं इस्तीफा
उधर, दावा किया जा रहा है कि इमरान खान अविश्वास प्रस्ताव से बचने के लिए आज शाम ही पीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इतना ही नहीं इमरान के साथ उनकी पार्टी PTI के सभी सांसद और विधायक (नेशनल और प्रांतीय असेंबली मिलाकर) मतलब पूरी ही पार्टी इस्तीफा देगी. इसके साथ-साथ जो विधायक चुनाव तो PTI की टिकट पर जीते, लेकिन बाद में इमरान की पार्टी छोड़ दी. ऐसे विधायकों को भी अयोग्य मानकर पार्टी से निकाला जाएगा.
अगर ऐसा होता है तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक जो कल (शनिवार) अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है, वह नहीं होगी क्योंकि उससे पहले ही सरकार गिर जाएगी. दरअसल, अगर अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई तो इमरान वैसे भी सत्ता से बाहर होंगे क्योंकि संसद के नंबर गेम में वह विपक्ष से पीछे हैं. लेकिन अगर इमरान पूरी पार्टी के साथ आज ही इस्तीफा दे देंगे तो कल नेशनल असेंबली की मीटिंग का कोई खास मतलब नहीं रह जाएगा क्योंकि पीएम, डिप्टी स्पीकर के खिलाफ ही यह अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है और वह अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे चुके होंगे.
बता दें कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इमरान खान को झटका दिया था. इसमें सुप्रीम कोर्ट ने डिप्टी स्पीकर के फैसले को असंवैधानिक बताया था और कहा था कि अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करना गलत था.
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