पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के हजारों कार्यकर्ता और समर्थक भारी सुरक्षा बलों की तैनाती और मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंधों के बीच विरोध प्रदर्शन के लिए राजधानी की ओर बढ़ रहे हैं. वहीं, इमरान की पत्नी बुशरा बीबी खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के साथ कंटेनर के ऊपर चढ़कर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जरिए इस्लामाबाद की ओर बढ़ रही हैं. इसी बीच पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने इस्लामाबाद की सुरक्षा का संकल्प लिया. ये प्रदर्शन इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर किया जा रहा है.
जेल में बंद 72 वर्षीय इमरान खान ने राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के लिए आह्वान किया था, जिसमें उन्होंने चुराए गए जनादेश, लोगों की अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी और 26वें संशोधन के पारित होने की निंदा की, इसे लेकर उन्होंने कहा कि इन वजहों से पाकिस्तान में तानाशाही शासन मजबूत हो रहा है. वहीं, उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी ने जनता से 'गुलामी की बेड़ियों' को तोड़ने के लिए मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है.
'प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करेंगे'
वहीं, गृहमंत्री ने डी-चौक का दौरा किया, जहां इमरान खान की पार्टी धरना देने की बात कह रही है. डी-चौक कई महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों के करीब है, इसमें प्रेसीडेंसी, प्रधानमंत्री कार्यालय, संसद और सुप्रीम कोर्ट शामिल हैं. क्षेत्र की निगरानी के लिए पुलिस और फ्रंटियर कांस्टेबुलरी के साथ रेंजर्स को तैनात किया गया है. गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि सरकार को सख्त सुरक्षा उपाय करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. एक विकल्प ये है कि हम उन्हें आने दें और इस्लामाबाद को पंगु बना दें. दूसरा विकल्प इस्लामाबाद की सुरक्षा करना है. उन्होंने कहा कि डी-चौक की ओर मार्च करने वालों को गिरफ्तार किया जाएगा.
कुछ इलाकों में इंटरनेट बंद
नकवी ने कहा कि जिस क्षेत्र में इमरान की पार्टी ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है, वह इस्लामाबाद का संरक्षित क्षेत्र है, जिसकी निगरानी आईजी (महानिरीक्षक) और डीआईजी (उप महानिरीक्षक) करते हैं, उन्होंने कहा कि मोबाइल सेवाएं अभी भी चालू हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है. नकवी ने विरोध प्रदर्शन के समय की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी उसी मार्ग का उपयोग कर रहे थे, जिससे बेलारूस के दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल को गुजरना था. उन्होंने कहा कि अगर आप विरोध करना चाहते हैं, तो यह आपका अधिकार है, लेकिन आप अच्छी तरह से जानते हैं कि कौन आ रहा है लेकिन आप सड़कों को ब्लॉक कर रहे हैं और परेशानी पैदा कर रहे हैं.
इस्लामाबाद में शैक्षणिक संस्थान बंद
वहीं, सूचना मंत्री अत्ता तरार ने कहा कि शहर में कुछ रास्ते बंद हैं, जबकि अन्य अभी भी खुले हैं. उन्होंने कहा कि शहर को बंद करने के लिए जिम्मेदार लोग पीटीआई हैं. सरकार ने सड़कों पर अवरोधों के कारण इस्लामाबाद में शैक्षणिक संस्थानों के लिए सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है.