भारत अमेरिका के बढ़ते रक्षा सहयोग से पाकिस्तान भड़का हुआ है. पाकिस्तान का कहना है कि इससे सीधे तौर पर उसके सुरक्षा हित खतरे में पड़ जाएंगे. इसे लेकर पाकिस्तान ने अमेरिका से कड़ी आपत्ति भी जताई है. उसका कहना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा है.
गुरुवार को पाकिस्तान के आधिकारिक सूत्रों ने पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि पाकिस्तान ने डिप्लोमेटिक चैनल्स के जरिए अमेरिका से अपनी आपत्ति दर्ज की है. पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा है कि उसकी वैध चिंताओं को ध्यान में रखे बिना भारत को उन्नत सैन्य मिलिट्री हार्डवेयर देना दक्षिण एशियाई क्षेत्र में रणनीतिक स्थिरता और पारंपरिक संतुलन को कमजोर कर देगा.
सूत्रों का कहना है, 'पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि भारत उन्नत तकनीक हासिल कर उत्साहित हो जाएगा और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को खतरे में डाल देगा.'
पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि भारत और अमेरिका के बीच पाकिस्तान के हितों को कमजोर करने वाला कोई भी समझौता हो, पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर होगा.
पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे में हुए थे कई अहम समझौते
पीएम मोदी जब हाल ही में अमेरिका के दौरे पर थे, उस दौरान भारत और अमेरिका के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए थे. सबसे महत्वपूर्ण समझौता यह हुआ कि अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक और और भारत की सरकारी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड देश के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमानों के लिए उन्नत लड़ाकू जेट इंजन भारत में बनाएगी.
एक अन्य समझौते में अमेरिका युद्ध में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन के उत्पादन के लिए भारत में एक निर्माण केंद्र बनाने पर भी सहमत हुआ. भारत पिछले कई दशकों से अपने सैन्य हथियारों के लिए रूस पर निर्भर रहा है. कुछ सालों पहले तक जहां रूस भारत को 65 प्रतिशत हथियारों की सप्लाई करता था. अब इसमें भारी गिरावट आई है. रूस से भारत का सैन्य हथियारों का आयात अब महज 45% रह गया है जबकि अमेरिकी हिस्सेदारी एक प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत हो गई है.
पीएम मोदी की यात्रा के दौरान ही भारत और अमेरिका के बीच सेमीकंडक्टर को लेकर भी एक बड़ा समझौता हुआ. समझौते के तहत अमेरिकी मेमोरी चिप की दिग्गज कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी भारत में सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग फेसिलिटी बनाने के लिए 82.5 करोड़ डॉलर तक का निवेश करेगी. इससे भारत में हजारों नौकरियां भी पैदा होंगी.
अमेरिका न केवल भारत को हथियार बेचना चाहता है बल्कि वो भारत को तकनीक देने के खिलाफ भी नहीं है जिससे पाकिस्तान डरा हुआ है.
भारत-अमेरिका के बीच हुए रक्षा समझौतों पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'इस तरह के कदम क्षेत्र में सैन्य असंतुलन को बढ़ा रहे हैं और रणनीतिक स्थिरता को कमजोर कर रहे हैं. ऐसे समझौते दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता हासिल करने के उद्देश्यों पर पानी फेर रहे हैं.'
भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान से भी पाकिस्तान को लगी थी मिर्ची
22 जून को पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया था जिसके एक पैरा में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा गया था. संयुक्त बयान में पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था.
पाकिस्तान ने इन आरोपों का खारिज करते हुए इन्हें भ्रामक और एकतरफा करार दिया. मंगलवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, 'अमेरिका को ऐसे बयान जारी करने से बचना चाहिए. ऐसे बयान को पाकिस्तान के खिलाफ भारत की आधारहीन और राजनीति से प्रेरित नैरेटिव के प्रोत्साहन के रूप में देखा जाएगा.'
बयान में कहा गया कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग सही ढंग से प्रगति कर रहा है. पाकिस्तान और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्तों के लिए विश्वास और समझ पर आधारित वातावरण का होना जरूरी है.
इमरान खान ने साधा था अपनी सरकार पर निशाना
भारत-अमेरिका के बयान में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधे जाने पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने रिटायर आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान अमेरिका के लिए 'भारत में सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के अलावा और कुछ नहीं है.'
इमरान खान ने अपने एक ट्वीट में लिखा, 'जनरल बावजा ने अपने PDM (पाकिस्तान का सत्ताधारी गठबंधन) के साथियों के साथ मिलकर दावा किया था कि मैंने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर दिया है. अब मैं उनसे और पीडीएम से सवाल पूछना चाहता हूं कि एक साल के कार्यकाल में पाकिस्तान के विदेश मंत्री अनगिनत बार अमेरिका के दौरे पर गए होंगे लेकिन भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान में पाकिस्तान यूएस के लिए भारत में सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश से ज्यादा कुछ नहीं है.'