पाकिस्तान की कराची जेल में बंद 22 भारतीय मछुआरों को शनिवार को रिहा कर दिया गया. रिहा किए गए मछुआरों को वाघा बॉर्डर पर भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया गया. भारतीय मछुआरों को ईधी फाउंडेशन द्वारा चलाई गई एक विशेष बस में कराची से लाहौर लाया गया था. पाकिस्तान की जेल से रिहा किए गए लोगों में भूपत, माला, कृष्ण, खलाफ, मोहन, आसिफ, अशोक, अकबर, लखमन, मोजी, दीपक, राम, हरि, तपू, सुरेश, विजय, मनोज कुमार, वीनू, महेश, सुभाष, संजय और सेलेंधर शामिल हैं.
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इससे पहले, मालिर (कराची) जेल अधीक्षक अरशद शाह ने मीडिया को बताया कि भारतीय मछुआरों को उनकी सजा पूरी करने के बाद रिहा कर दिया गया. इन सभी को अनजाने में पाकिस्तान के जलक्षेत्र में घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. समुद्री सीमाओं का ठीक से सीमांकन नहीं होने के कारण दोनों देशों के मछुआरों को अक्सर गिरफ्तार किया जाता है. ईधी फाउंडेशन के प्रमुख फैसल ईधी ने भारत और पाकिस्तान दोनों से गलती से समुद्री सीमा पार करने वाले मछुआरों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया.
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भारत और पाकिस्तान के बीच 1 जनवरी, 2025 को शेयर की गई ताजा प्रिजनर एक्सचेंज लिस्ट के अनुसार पाकिस्तान में 266 भारतीय कैदी थे, जिनमें 49 नागरिक और 217 मछुआरे शामिल थे, जबकि भारत में 462 पाकिस्तानी कैदी थे, जिनमें 381 नागरिक और 81 मछुआरे शामिल थे. 12 दिसंबर, 2024 को लोकसभा में विदेश मंत्रालय (MEA) के एक जवाब में कहा गया कि 2014 से कुल 2639 भारतीय मछुआरों को पाकिस्तान से वापस लाया गया है. विदेश मंत्रालय ने बताया था कि 1 जुलाई 2024 तक 209 मछुआरों में से, जो पाकिस्तान की हिरासत में थे, 51 मछुआरे 2021 से; 130 मछुआरे 2022 से; 9 मछुआरे 2023 से; और 19 मछुआरे 2024 से पाकिस्तानी जेलों में हैं.