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पाकिस्तान का मोस्ट वांटेड आतंकी मोहम्मद खुरासानी अफगानिस्तान में मारा गया, कई हमलों में था शामिल

खुरासानी टीटीपी का सीनियर कमांडर था. वह पाकिस्तान में कई हमलों में शामिल था. इनमें कई नागरिकों और सुरक्षाबलों की भी जान गई. डिफेंस सूत्रों ने ज्यादा जानकारी न देते हुए बताया कि खुरासानी अफगानिस्तान के नंगरहार में मारा गया.

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पाकिस्तान का मोस्ट वांटेड आतंकी मोहम्मद खुरासानी मारा गया (फोटो- प्रतीकात्मक)
पाकिस्तान का मोस्ट वांटेड आतंकी मोहम्मद खुरासानी मारा गया (फोटो- प्रतीकात्मक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • TTP का प्रवक्ता था खुरासानी
  • गिलगित बाल्टिस्तान का रहने वाला था आतंकी खुरासानी

पाकिस्तान का मोस्ट वांटेड आतंकी और तहरीर आई तालीबान पाकिस्तान (TTP) का प्रवक्ता कमांडर खालिद बटली उर्फ मोहम्मद खुरासानी अफगानिस्तान में मारा गया. यह दावा सोमवार को पाकिस्तान डिफेंस सूत्रों ने किया. खुरासानी पाकिस्तान से सटे अफगानिस्तान के नंगरहार में मारा गया. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से यह नहीं बताया गया कि खुरासानी की मौत कैसे हुई. 

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खुरासानी टीटीपी का सीनियर कमांडर था. वह पाकिस्तान में कई हमलों में शामिल था. इनमें कई नागरिकों और सुरक्षाबलों की भी जान गई. डिफेंस सूत्रों ने ज्यादा जानकारी न देते हुए बताया कि खुरासानी अफगानिस्तान के नंगरहार में मारा गया. 

खुरासानी की उम्र करीब 50 साल थी. वह गिलगित बाल्टिस्तान का था. उसने 2007 में स्वात में प्रतिबंधित संगठन में शामिल हो गया. इसके बाद वह कट्टरपंथी नेता मुल्ला फजलुल्लाह के संपर्क में आया. बाद में गिलगित फजलुल्लाह TTP का चीफ बना. खुरासानी को 2014 में टीटीपी का प्रवक्ता बनाया गया. सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इसके बाद से वह आतंकी संगठन में अहम भूमिका निभा रहा था. 

सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि वह हाल ही में काफी एक्टिव हुआ था, वह टीटीपी चीफ मुफ्ती नूर वाली के नेतृत्व में कई आतंकी संगठनों को एक साथ लाया था. हाल ही में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता आने के बाद वह काबुल चला गया.   

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अधिकारियों ने बताया कि खुरासानी खैबर पख्तूनख्वा के मिरामशाह शहर में एक आतंकवादी ठिकाना चलाता था और 2014 में ऑपरेशन जर्ब-ए-अजब के बाद वह अफगानिस्तान भाग गया था. खुरासानी की हत्या पाकिस्तानी सेना और टीटीपी के बीच एक महीने के सीजफायर के टूटने के बाद हुई. टीटीपी ने पाकिस्तानी सेना पर 9 नवंबर से एक महीने तक हमला न करने का ऐलान किया था. 

पिछले हफ्ते, पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने कहा था कि टीटीपी की कुछ शर्तों के बाद बातचीत खत्म हो गई, ये ऐसी शर्तें थीं, जो स्वीकार्य नहीं थी. यह सीजफायर 9 दिसंबर को खत्म हो गया था. 

 

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