scorecardresearch
 

Yasin Malik को उम्रकैद की सजा मिलने से तिलमिलाया पाकिस्तान, संसद में पास किया प्रस्ताव

Pakistani On Yasin Malik: जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता और प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के मुखिया यासीन मलिक को सजा मिलने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है. वहां की लगभग सभी पार्टियों की राय इस मुद्दे को लेकर एक ही है. सभी पार्टियां मलिक को सजा सुनाए जाने का विरोध कर रही हैं.

Advertisement
X
यासीन मलिक (File Photo)
यासीन मलिक (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यासीन मलिक को 2 मामलों में सुनाई गई उम्रकैद की सजा
  • NIA ने यासीन मलिक को फांसी की सजा देने की मांग की थी

Pakistani On Yasin Malik: प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के मुखिया यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा मिलने पर पाकिस्तान तिलमिला गया है. गुरुवार को पाकिस्तान की संसद के संयुक्त सत्र में एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें यासीन मलिक की सजा का विरोध किया गया है.

Advertisement

दिल्ली की NIA कोर्ट ने यासीन मलिक को 25 मई को टेरर फंडिंग के 2 मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई थी. मलिक को कुल 9 मामलों में सजा सुनाई गई थी. उस पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था. हालांकि, NIA ने यासीन मलिक को फांसी की सजा देने की मांग की थी.

यासीन मलिक को उम्रकैद मिलने के बाद पाकिस्तान के सभी हलकों से आवाजें उठने लगी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सभी देशों से अपील की थी कि वो मोदी सरकार के इस कदम का विरोध करें. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी यासीन मलिक को दोषी ठहराए जाने को लेकर भारत की आलोचना की थी.

शहबाज शरीफ ने भी की थी बयानबाजी

यासीन मलिक की सजा को लेकर पाकिस्तान की सभी राजनीतिक पार्टियों में हलचल देखी गई. इस मुद्दे पर सभी पार्टियां मलिक के समर्थन में बोल रही हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मलिक के समर्थन में एक ट्वीट में कहा था, 'दुनिया को भारत के जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक कैदियों के साथ भारत सरकार के दुर्व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए. प्रमुख कश्मीरी नेता यासीन मलिक को फर्जी आतंकवाद के आरोपों में दोषी ठहराना भारत में मानवाधिकार के हनन की आलोचना करने वाली आवाजों को चुप कराने का निरर्थक प्रयास है. मोदी सरकार को इसके लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए.

Advertisement

कोर्ट ने ठहराया था दोषी

कोर्ट ने माना है कि मलिक ने 'आजादी' के नाम जम्मू कश्मीर में आतंकवादी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने के मकसद से दुनिया भर में एक नेटवर्क स्थापित कर लिया था. NIA ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले में 30 मई 2017 को केस दर्ज किया था. इस मामले में एक दर्जन के अधिक लोगों के खिलाफ 18 जनवरी 2018 को चार्जशीट फाइल की गई थी.राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कोर्ट में कहा था, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, जेकेएलएफ, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों ने पाकिस्तान की आईएसआई के समर्थन से नागरिकों और सुरक्षाबलों पर हमला करके घाटी में बड़े पैमाने पर हिंसा को अंजाम दिया.

Advertisement
Advertisement