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किसानों के आंदोलन पर बोला संयुक्त राष्ट्र- शांतिपूर्ण प्रदर्शन का है अधिकार

कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे किसानों के आंदोलन पर संयुक्त राष्ट्र ने बयान दिया है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और अधिकारियों को उन्हें यह करने देना चाहिए. 

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किसानों के प्रदर्शन पर UN ने दिया बयान (फाइल फोटो)
किसानों के प्रदर्शन पर UN ने दिया बयान (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • किसानों के आंदोलन पर संयुक्त राष्ट्र ने दिया बयान
  • 'लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार'
  • दिल्ली बॉर्डर पर 10 दिनों से जारी है किसानों का प्रदर्शन

भारत में कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे किसानों के आंदोलन पर संयुक्त राष्ट्र ने बयान दिया है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और अधिकारियों को उन्हें यह करने देना चाहिए. 

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एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने शुक्रवार को कहा कि जहां तक भारत का सवाल है तो मैं यह कहूंगा कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है, और अधिकारियों को उन्हें ऐसा करने देना चाहिए. स्टीफन दुजारिक किसानों के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में ये बातें कही. 

बता दें कि इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी किसानों के आंदोलन का समर्थन किया था. हालांकि जस्टिन ट्रूडो को भारत सरकार की ओर से कड़ा जवाब भी मिला. भारत ने उनकी टिप्पणी को भ्रामक और गैर जरूरी बताया था. भारत का कहना है कि यह एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से जुड़ा विषय है. 

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने विदेशी नेताओं की टिप्पणियों के बारे में मंगलवार को कहा था कि 'हमने भारत में किसानों से संबंधित कुछ ऐसी टिप्पणियों को देखा है जो भ्रामक सूचनाओं पर आधारित हैं. इस तरह की टिप्पणियां अनुचित हैं, खासकर जब वे एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से संबंधित हों. मंत्रालय की ओर से कहा गया कि बेहतर होगा कि कूटनीतिक बातचीत राजनीतिक उद्देश्यों के लिए गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं की जाए. 

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बता दें कि पंजाब, हरियाणा और कई अन्य राज्यों के हजारों किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 10 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. वहीं, सरकार कृषि कानूनों में संशोधन करने को तैयार है, लेकिन किसान सरकार के इस प्रस्ताव को ठुकरा रहे हैं. इस बीच, सरकार और किसान नेताओं के बीच शनिवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में पांचवें दौर की वार्ता हो रही है.  

 

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