पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि परवेज मुशर्रफ ने साझा सरकार बनाने के लिए सीक्रेट डील की पेशकश की थी. सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन की मंगलवार को हुई संसदीय बैठक को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा, "साल 2007 में मुशर्रफ ने खुद साझा सरकार बनाने का मुझे प्रस्ताव दिया था, लेकिन मैंने इनकार कर दिया था." पाक पीएम ने इस बात का खुलासा पहली बार किया है.
मालूम हो कि 1999 में जनरल मुशर्रफ ने तख्तापलट करके देश की सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. उन्होंने पाक पीएम नवाज शरीफ को हटा दिया था. पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पाक पीएम ने बताया, "इस बाबत शरीफ मुझसे मुलाकात करना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने कई बार कोशिश भी की, लेकिन मैंने मुलाकात करने से इनकार कर दिया था."
शरीफ ने कहा कि उनका परिवार अपनी जन्मभूमि पाकिस्तान नहीं छोड़ना चाहता था, लेकिन सैन्य तानाशाह मुशर्रफ ने उनको जबरन देश निकाला दे दिया. उन्होंने कहा, "हमने बेबसी में देश छोड़ा और हमें लंबे समय तक देश वापस आने की इजाजत नहीं दी गई." मालूम हो कि नवंबर 2007 में शरीफ दोबारा पाकिस्तान वापस लौट पाए थे.
चाह कर भी देश वापसी नहीं कर सकते मुशर्रफ
परवेज मुशर्रफ ने तख्तापलट करने के बाद पाक पीएम शरीफ और उनके परिवार के सदस्यों को देश निकाला दे दिया था. नवंबर 2007 में पाकिस्तान लौटने के पहले तक इनको सऊदी अरब में रहना
पड़ा था. नवाज ने बताया कि उनका परिवार पाकिस्तान छोड़कर नहीं जाना चाहता था, लेकिन मुशर्रफ ने उनको जबरन देश निकाला दे दिया. उन दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने और मेरे
परिवार ने बुरी हालत में देश छोड़ा था." उन्होंने कहा कि मुशर्रफ ने जिस तरह किया, उसको भुगत रहे हैं. अब वह देश वापस लौटना चाहते हैं, लेकिन लौट नहीं सकते हैं. उनको इलाज के लिए पाक से
बाहर जाने की इजाजत मिली थी. मुशर्रफ के खिलाफ पाक में कई केस चल रहे हैं, जिनसे बचने के लिए वह पाकिस्तान वापस नहीं लौट रहे हैं.
मुशर्रफ के पूर्व सहयोगी ने किया खारिज
परवेज मुशर्रफ के पूर्व सहयोगी एवं ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के सदस्य अहमद रजा कसूरी ने पाक पीएम शरीफ के सीक्रेट डील की बात को खारिज किया है. उन्होंने कहा, "मैंने जनरल मुशर्रफ के
साथ लंबे समय तक काम किया है, लेकिन कभी ऐसी बात सुनने में नहीं आई है." उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि शरीफ एक समझौते के तहत 10 साल के लिए विदेश गए थे. ऐसे में मुशर्रफ की
ओर से सीक्रेट डील की पेशकश करने की बात का सवाल ही नहीं उठता है.