प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को ईद की बधाई दी है. पीएम मोदी ने मालदीव की सरकार और उनके लोगों को ईद की बधाई देते हुए दोनों देशों के बीच अतीत से चले आ रहे सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों पर भी जोर दिया.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 'आज हम ईद-उल-फितर का जश्न मना रहे हैं. ये त्योहार हमें दुनियाभर में संवेदना, भाईचारे और एकजुटता के मूल्यों की याद दिलाता है, जो कि शांतिपूर्ण और समावेशी दुनिया के निर्माण के लिए जरूरी है.'
भारतीय उच्चायोग ने भी एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, उनकी सरकार और मालदीव के लोगों को ईद की बधाई दी.
भारत-मालदीव के संबंधों में जारी है तनातनी
पिछले साल नवंबर में जब से मुइज्जू ने सत्ता संभाली है, तब से भारत और मालदीव के बीच संबंधों में तनातनी बनी हुई है. सत्ता में आते ही मुइज्जू ने मालदीव में मौजूद भारतीय सैनिकों की वापसी का दबाव बनाना शुरू कर दिया था. उन्होंने अपने चुनावी कैंपेन में भारतीय सैनिकों की वापसी को मुद्दा बनाते हुए 'इंडिया आउट' का नारा दिया था. मुइज्जू को चीन का समर्थक माना जाता है.
मालदीव में तीन एविएशन प्लेटफॉर्म में 88 भारतीय सैनिक तैनात थे. मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद 26 भारतीय सैनिकों का पहला दस्ता भारत लौट चुका है. उनकी जगह 26 भारतीय नागरिकों को वहां भेजा गया है.
हिंद महासागर क्षेत्र में मालदीव भारत का प्रमुख पड़ोसी है. साथ ही मोदी सरकार की 'नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी' जैसी पहल में भी उसकी खास जगह है.
इसलिए खास है मालदीव
मालदीव को अगर कुछ चीज खास बनाती है, तो वो है हिंद महासागर में बसा होना. मालदीव के छोटे-बड़े द्वीप उस शिपिंग लेन के बगल में है, जहां से चीन, जापान और भारत को एनर्जी सप्लाई होती है. मालदीव हिंद महासागर में 90 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. हालांकि, इसका 300 वर्ग किलोमीटर से भी कम इलाका जमीनी है. इसके 1200 से ज्यादा छोटे-छोटे द्वीप समंदर में फैले हुए हैं. मालदीव और भारत के बीच लगभग दो हजार किलोमीटर की दूरी है. भारत ही है जो मालदीव का सबसे करीबी पड़ोसी है.