रूस के कजान शहर में ब्रिक्स समिट का आज दूसरा रहा. इससे इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बातचीत की. दोनों नेताओं के बीच करीब 5 साल बाद यह औपचारिक वार्ता हुई, जो कि करीब 1 घंटे तक चली. 2020 में गलवान घाटी संघर्ष के बाद दोनों देशों में मतभेद गहरा गए थे. ये बैठक ऐसे समय पर हुई जब लद्दाख में LAC पर भारत और चीन के बीच पिछले चार सालों से चल रहा विवाद सुलझ गया है. अब रिश्तों में जमी बर्फ पिघलाने की ओर दोनों देश आगे बढ़ गए हैं.
इससे पहले पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच औपचारिक बैठक अक्टूबर 2019 में तमिलनाडु के ऐतिहासिक शहर महाबलीपुरम में हुई थी. ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के बाद पीएम मोदी स्वदेश आने के लिए रवाना हो गए हैं.
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ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग संग द्विपक्षीय बातचीत के बाद पीएम मोदी आज बुधवार शाम को स्वदेश आने के लिए रवाना हो गए हैं.
चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "कज़ान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. भारत-चीन संबंध हमारे देशों के लोगों के लिए तथा क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं. परस्पर विश्वास, परस्पर सम्मान और परस्पर संवेदनशीलता द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे."
रूस में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-चीन संबंध न केवल हमारे लोगों के लिए, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और प्रगति के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं.
पीएम ने कहा, "हम 5 साल बाद औपचारिक बैठक कर रहे हैं. हमारा मानना है कि भारत-चीन संबंध न केवल हमारे लोगों के लिए, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और प्रगति के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं. हम सीमा पर पिछले 4 वर्षों में उत्पन्न मुद्दों पर बनी आम सहमति का स्वागत करते हैं. सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए. आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता हमारे संबंधों का आधार बने रहना चाहिए."
प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन और भारत दोनों की व्यापक अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों के बारे में बात की. चीनी पक्ष द्वारा जारी एक प्रेस बयान के अनुसार, जिनपिंग ने दोनों देशों से विकासशील देशों के लिए एक उदाहरण स्थापित करने, बहुध्रुवीय दुनिया को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अधिक लोकतंत्रीकरण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया.
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूसी शहर कज़ान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. चर्चा में, शी ने चीन और भारत के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया, प्राचीन सभ्यताओं और विकासशील देशों के रूप में उनकी साझा स्थिति का उल्लेख किया.
चीनी पक्ष द्वारा जारी एक प्रेस बयान के अनुसार, शी ने जोर देकर कहा कि चीन और भारत के बीच सकारात्मक संबंध बनाए रखना दोनों देशों और उनके नागरिकों के मूल हितों के अनुरूप है. उन्होंने दोनों देशों के बीच संचार और सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया, किसी भी विरोधाभास या मतभेद को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने की आवश्यकता पर बल दिया.
रूस के कजान में ब्रिक्स समिट से इतर पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात खत्म हो गई है. दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक मुलाकात हुई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू हो गई है. ब्रिक्स की बैठक के बाद दोनों देशों के नेताओं के बीच ये बातचीत हो रही है. करीब 5 साल बाद यह औपचारिक वार्ता हो रही है.
पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात में कुछ देरी हुई है. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच शाम 6 बजे वार्ता हो सकती है.
बातचीत से पहले पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स के आयोजन स्थल पर साथ चलते दिखे. इस दौरान उनके साथ रूसी राष्ट्रपति भी मौजूद रहे.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में गिफ्ट सिटी के खुलने से इस बैंक की गतिविधियां और मजबूत हुई हैं. एनडीबी को मांग-संचालित सिद्धांत पर काम करना जारी रखना चाहिए और बैंक का विस्तार करते समय दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता, स्वस्थ क्रेडिट रेटिंग और बाजार पहुंच सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देनी चाहिए. अपने नए स्वरूप में ब्रिक्स 30 ट्रिलियन डॉलर से बड़ी अर्थव्यवस्था है. ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल और ब्रिक्स महिला बिजनेस अलायंस ने हमारे आर्थिक सहयोग को बढ़ाने में विशेष भूमिका निभाई है.
उन्होंने कहा कि इस साल डब्ल्यूटीओ सुधार, कृषि में व्यापार सुविधा, लचीलापन आपूर्ति श्रृंखला, ई-कॉमर्स और विशेष आर्थिक क्षेत्रों पर ब्रिक्स के भीतर बनी आम सहमति हमारे आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगी. इन सभी पहलों के बीच हमें छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों के हितों पर भी ध्यान देना चाहिए. मुझे खुशी है कि 2021 में भारत की अध्यक्षता के दौरान प्रस्तावित ब्रिक्स स्टार्टअप फोरम इस साल लॉन्च किया जाएगा. भारत द्वारा दी गई रेलवे रिसर्च नेटवर्क पहल भी ब्रिक्स देशों के बीच लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन कनेक्टिविटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
पीएम मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए कहा, "मैं 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देना चाहता हूं. मैं एक बार फिर ब्रिक्स से जुड़े नए साथियों का हार्दिक स्वागत करता हूं. अपने नए स्वरूप में ब्रिक्स दुनिया की 40% मानवता और लगभग 30% अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है. पिछले दो दशकों में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं. मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में यह संगठन वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए और अधिक प्रभावी माध्यम के रूप में उभरेगा. मैं न्यू डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ को बधाई देता हूं. पिछले 10 वर्षों में यह बैंक ग्लोबल साउथ के देशों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभर रहा है. हमने गति शक्ति एप बनाया हुआ है, इससे लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिला है. यूपीआई भारत की बहुत बड़ी कामयाबी है. बहुत सारे देशों ने यूपीआई को अपनाया है. मल्टी पोलर वर्ल्ड में हमारा विश्वास है."
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि हमारे सामने दुनिया को अशांत छोड़ने या फिर शांति की ओर वापस ले जाने का विकल्प है. सुरक्षा को बनाए रखने के लिए ब्रिक्स के शांतिपूर्ण एजेंडे को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण है. हम यूक्रेन पर शांति के समर्थन में अधिक आवाज़ों को एकजुट करना चाहते हैं. गाजा युद्ध के स्थायी समाधान के लिए अधिक प्रयास करना चाहिए. हमें हरित विकास के लिए प्रतिबद्ध ब्रिक्स का निर्माण करना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में बदलती दुनिया को बेहतर ढंग से शामिल किया जाना चाहिए.
कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज की बैठक के शानदार आयोजन के लिए मैं राष्ट्रपति पुतिन का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. पिछले एक वर्ष में रूस की सफल अध्यक्षता के लिए राष्ट्रपति पुतिन का अभिनन्दन करता हूं. दोस्तों हमारी बैठक एक ऐसे समय में हो रही है. जब विश्व युद्धों, संघर्षों, आर्थिक अनिश्चितता, क्लाइमेट चेंज, आतंकवाद जैसी अनेक चुनौतियों से घिरा हुआ है. विश्व में नार्थ-साउथ और पूर्व-पश्चिम को तोड़ने की बात हो रही है.
रूस के कजान में ब्रिक्स देशों के सदस्यों ने आधिकारिक फोटो खिंचवाई. इस दौरान मंच पर सभी सदस्य देशों के प्रमुख एक साथ नजर आए.
पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात बुधवार को भारतीय समायनुसार शाम 4.30 बजे से शुरू होगी. यह द्विपक्षीय वार्ता लगभग आधे घंटे की हो सकती है.
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत में यूक्रेन युद्ध, रक्षा संबंधों, रूसी सेना में सेवारत भारतीय नागरिकों और परमाणु ऊर्जा सहयोग पर चर्चा हुई. मिस्री ने कहा, पीएम मोदी ने दोहराया कि संघर्ष के समाधान के लिए वार्ता और कूटनीति ही आगे का रास्ता है. उन्होंने पुतिन को यूक्रेनी नेतृत्व के साथ अपनी बातचीत और पहल के बारे में जानकारी दी और कहा कि भारत शांति लाने में योगदान देने के लिए तैयार है.
रूसी सेना में वर्तमान में सेवारत भारतीय नागरिकों की जल्द रिहाई का मुद्दा उठाया गया. मिस्री ने कहा, दोनों पक्षों ने चर्चा की और रूस के सहयोग से हाल के महीनों में कई भारतीय स्वदेश लौट आए हैं. भारतीय दूतावास काम कर रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही सभी का समाधान हो जाएगा, जिससे तेजी से स्वदेश वापसी हो सकेगी.
साल 2006 में BRICS संगठन इसलिए बना था क्योंकि इससे पहले तक दुनिया में जितने भी ऐसे संगठन थे, उनमें अमेरिका और यूरोप के देशों का काफी प्रभाव था. और इसकी वजह से एशिया और अफ्रीका के देशों को ज्यादा महत्व नहीं मिल पाता था, लेकिन इसके बाद भारत और चीन की पहल पर BRICS की स्थापना की गई और अब रूस में इस समूह का 16वां वार्षिक सम्मेलन हो रहा है.
जिस BRICS समिट में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी रूस गए हैं, वो BRICS संगठन कुल पांच देशों को मिला कर बना है. इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल है और इस बार इस संगठन में पांच और देश आधिकारिक रूप से शामिल हो गए हैं, जिनमें इजिप्ट, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE का नाम है.
पिछले 3 महीने में पीएम मोदी दूसरी बार रूस पहुंचे हैं. पीएम मोदी इस साल जुलाई में भी रूस की यात्रा पर गए थे. तब राष्ट्रपति पुतिन ने क्रेमलिन में उनका जोरदार स्वागत किया था और खुद गाड़ी ड्राइव करके उन्हें अपने आधिकारिक आवास की सैर करायी थी. जुलाई में रूस दौरे पर पीएम मोदी ने पुतिन को सलाह दी थी कि बम-बंदूकों और गोलियों से शांति संभव नहीं है. उसके बाद पीएम मोदी यूक्रेन दौरे पर भी गए थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति जेलेंस्की से कहा था कि ये जंग का समय नहीं है.
मंगलवार शाम 4 बजे पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हुई. इस दौरान पुतिन ने भारत-रूस के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया. दरअसल, द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पीएम मोदी हिंदी और राष्ट्रपति पुतिन रूसी भाषा में बोल रहे थे. दोनों नेताओं की बातों को रूसी और हिंदी में अनुवाद करने के लिए ट्रांसलेटर मौजूद थे. इसी दौरान पुतिन ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा, 'भारत और रूस के संबंध इतने प्रगाढ़ हैं कि मुझे लगता है कि आप मेरी बातें बिना ट्रांसलेटर की मदद के भी समझ सकते हैं.' पुतिन की इस टिप्पणी पर पीएम मोदी खिलखिला उठे. व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मॉस्को और नई दिल्ली के संबंध काफी विशेष हैं और समय के साथ और मजबूत हो रहे हैं. इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले तीन महीनों में मेरा रूस का यह दूसरा दौरा है, जो दोनों देशों के बीच की गहरी साझेदारी और दोस्ती को दर्शाता है.
ब्रिक्स की बैठक में हिस्सा लेने रूस के कजान गए पीएम मोदी पर दुनिया की नजरें हैं. सब देखना चाहते हैं कि जिस वक्त दुनिया में तनाव है, तब भारत क्या रोल निभाता है. क्योंकि चाहे इजरायल और हमास के बीच जंग हो या फिर रूस और यूक्रेन के बीच की लड़ाई. दोनों ही जंग के फैलने का खतरा मंडरा रहा है और इन देशों से भारत लगातार बातचीत करने और शांति की अपील करता आ रहा है. भारत की इस पहल का यह देश स्वागत भी कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच पांच साल बाद औपचारिक बैठक होने जा रही है. पिछले साल जब BRICS देशों का समिट दक्षिण अफ्रीका में हुआ था, तब प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया था, लेकिन उनके बीच द्विपक्षीय मुलाकात नहीं हुई थी. इससे पहले जब वर्ष 2022 में इंडोनेशिया के बाली में 'G-20' की बैठक हुई थी, तब भी प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच औपचारिक रूप से कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई थी. फिर इसके 8 महीने बाद दोनों देशों ने ये बात मानी थी कि बाली में दोनों नेताओं के बीच कुछ मुद्दों पर बात हुई थी, जिनमें सीमा विवाद का मुद्दा अहम था.