प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन में भारत की बात सबके साथ कार्यक्रम में कई मुद्दों पर बात की. पीएम ने सरकार की योजनाओं के अलावा बताया कि किस तरह पिछले कुछ साल में भारत ने अपनी विदेश नीति बदली है. इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपनी इज़रायल यात्रा का जिक्र किया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा 70 साल में पहली बार हुआ कि कोई प्रधानमंत्री इज़रायल गया हो, ऐसा क्या था जो हमें इज़रायल जाने से रोक रहा था. पीएम ने कहा कि मैंने तय किया कि जब मुझे इज़रायल जाना है तो सीधा वहीं जाऊंगा और गया. और इसके बाद जब फिलीस्तीन जाना था, तो वहां पर भी गया.
मोदी ने साफ संदेश दिया कि हमारी विदेश नीति का एक ही मंत्र है कि हम ना आंख उठाकर बात करेंगे, ना आंख झुकाकर बात करेंगे बल्कि अब हम आंख से आंख मिला कर बात करेंगे. उन्होंने कहा कि मेरी आलोचना होती थी कि मोदी, चाय बेचने वाला विदेश नीति क्या समझेगा, लेकिन आज चार साल के बाद कोई ये सवाल नहीं उठा सकता है.
पीएम मोदी ने इसके अलावा कहा कि हमारी सरकार सऊदी अरब के साथ भी अच्छे संबंध रखती है और मैं वहां पर भी गया. इसके अलावा हम ईरान भी गए क्योंकि एनर्जी के क्षेत्र में दोनों का सहयोग जरूरी है. इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने इस दौरान बताया कि भारत अब हर क्षेत्र में है.
पीएम ने बताया कि जब नेपाल में भूकंप आया तो भारत सबसे पहले मदद करने वहां पर पहुंचा. इसके अलावा जब रोहिंग्या शरणार्थियों की बात आई तो भारत ने बांग्लादेश में मौजूद सभी शरणार्थियों की मदद करने का काम किया.
मोदी सरकार में मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी इस बात को लेकर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री की ये बात पिछली और अब की सरकार में अंतर को दर्शाती है.
This line sums up the difference between previous governments and PM @narendramodi
"भारत आँख झुकाकर या आँख उठाकर नहीं बल्कि आँख मिला कर बात करने में विश्वास करता है|" https://t.co/Xrbt1e0ISC
— Anurag Thakur (@ianuragthakur) April 19, 2018
आपको बता दें कि बीते साल जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल यात्रा पर गए थे. ये पहली बार था कि जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां पहुंचा हो. पीएम का इजरायल में जोरदार स्वागत हुआ था. इसके अलावा इसी साल फरवरी में प्रधानमंत्री फिलीस्तीन की यात्रा पर भी गए थे.