
अमेरिका की यात्रा पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल योगा डे, 2023 के मौके पर यूएन मुख्यालय जाकर 135 देशों के प्रतिनिधियों के साथ योग करते हुए पूरे विश्व को खास संदेश दिया. पीएम मोदी ने यूएन मुख्यालय से अपने संबोधन में कहा कि योग भारत से आया, लेकिन यह कॉपीराइट, रॉयलटी आदि से फ्री है.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि योग को किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं. योग को घर पर, काम के दौरान या कहीं भी आराम से किया जा सकता है. इसे अकेले या ग्रुप में भी किया जा सकता है.
यूएन मुख्यालय में संबोधन के बाद पीएम मोदी ने सभी लोगों के साथ योग की शुरुआत की. पीएम मोदी के बगल में मशहूर एक्टर रिचर्ड गैरी भी बैठे हुए नजर आए. योग शुरू करने से पहले पीएम मोदी और सभी लोगों ने ध्यान लगाया. इसके साथ ही ओम का उच्चारण किया.
योग के दौरान पीएम मोदी ने 6 योगासन किए, जिनमें भद्रासन, ऊष्ट्रासन, उत्तान शिशुनासन, भुजंग आसन, पवन मुक्त आसन और शव आसन शामिल हैं. फिर अंत में कपाल भाती भी की गई. जानिए इन सभी योगासन का शरीर को क्या फायदा मिलता है.
भद्रासन
जब भी आप ध्यान में बैठते हैं तो भद्रासन काफी ज्यादा उपयोगी आसन है. भद्रासन को करने से एकाग्रता की शक्ति बढ़ती है और दिमाग भी तेज होता है. इस आसन के जरिए प्रजन्न शक्ति बढ़ती है और पाचन शक्ति भी ठीक रहती है. इसी आसन के जरिए पैरों को भी मजबूत किया जाता है. यह आसन सिरदर्द, कमरदर्द, आंखों की कमजोरी, अनिद्रा और हिचकी से भी राहत दिलाता है.
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ऊष्ट्रासन
योग में ऊष्ट्रासन शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद है. यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है. साथ ही सीने, पीठ और कंधों को मजबूत बनाता है. ऊष्ट्रासन कमर के निचले हिस्से के दर्द से भी छुटकारा दिलाता है. रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाता है और इसके जरिए मुद्रा में भी सुधार होता है.
उत्तान शिशुनासन
उत्तान शिशुनासन करने से कंधों की मांसपेशियों में सकारात्मक रूर से खिंचाव आता है. इस वजह से शरीर के कई हिस्सों में दर्द जैसी समस्याएं नहीं हो पाती हैं. इस आसन के जरिए रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है, जिससे पीठ का दर्द कम होता है और बॉडी पोस्चर में भी सुधार आता है. यह कूल्हे की जकड़न को कम करता है और मानसिक शांति देता है.
भुजंगासन
भुजंगासन करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है. यह आसन सीने, कंधे और पेट की मांसपेशियों को फैलाता है. तनाव और थकान दूर करने में यह काफी मददगार होता है. इस आसन को करने से साइटिका की समस्या दूर हो जाती है. यह अस्थमा के लक्षणों को भी कम करता है. प्रजनन प्रणाली में सुधार के लिए यह अभ्यास काफी ज्यादा फायदेमंद है.
पवन मुक्त आसन
पवन मुक्त आसन काफी ज्यादा फायदेमंद होता है. यह आसन गर्भाश्य से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में मददगार है. इस आसन को करने से कमर में दर्द और स्लिप डिस्क की परेशानी से भी आराम मिलता है. यह खासतौर पर उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है, जो एसिडिटी, अर्थराइटिस के दर्द और दिल के रोगों के पीड़ित हैं. यह आसन आंत को कई विकारों से दूर रखने में मदद करता है.
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शवासन
शवासन करने के काफी फायदे बताए गए हैं. यह आसन बॉडी को पूरी तरह रिलैक्स कर देता है. इस आसन के जरिए रक्तचाप और एंग्जाइटी कम रहती है. इसके साथ ही इस आसन को करने का फायदा दिमाग को भी मिलता है. इससे एकाग्रता और मेमोरी तेज होती है. यह आसन ऊर्जा के स्तर को भी बढ़ा देता है.
कपाल भाती
कपाल भाती आपकी सांस के लिए काफी फायदेमंद है. इस योग के अभ्यास से रक्त में ऑक्सीजन के स्तप को बढ़ाने में सहायता मिलती है. इस योग आसन के जरिए फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और फेफड़े मजबूत हो जाते हैं. साथ ही इस आसन को करने से शरीर के अंदर जमा हुए विषाक्त पदार्थ निकल जाते हैं.