
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त उज्बेकिस्तान के दौरे पर हैं. उन्होंने रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान की आजादी की 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति और देश के लोगों को बधाई दी है. बता दें, प्रधानमंत्री को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से भी नवाजा गया है.
पीएम ने इस पुरस्कार को स्वीकार करते हुए कहा, "'ओली दराजली दोस्तलिक' ऑर्डर पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं. मैं इसे भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच के अटूट रिश्ते को समर्पित करता हूं."
राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता में पीएम ने कहा कि इस साल भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी के 15 साल पूरे होने को है. पीएम ने कहा कि दोनों देश अब अपने रिश्ते को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक लेकर जा रहे हैं. और इसके लिए दोनों देश नए लक्ष्य तय करके आगे बढ़ेंगे.
पीएम ने बताया कि उन्होंने उज्बेकिस्तान की किताब देखी जिसमें द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई अहम क्षेत्रों और परियोजनाओं की पहचान की गई है. उन्होंने इस प्रयास की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि दोनों देश साथ मिलकर इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे.

प्रधानमंत्री ने रात्रिभोज के दौरान राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ हुई बातचीत को बहुत सार्थक बताया. उन्होंने कहा कि इस दौरान कई अहम फैसले भी हुए. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक समन्वय काउंसिल बनाई जाएगी जो आपसी तालमेल के जरिए दोनों देशों के सहयोग को बढ़ाएंगी.
यह भी पढ़ें: 'मन की बात' में पीएम मोदी ने नशामुक्ति से लेकर 'वोकल फॉर लोकल' पर दिया बड़ा संदेश
पीएम ने बताया कि दोनों पक्ष मिलकर एक बिज़नेस समिट भी करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बिज़नेस लीडर्स शामिल होंगे. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यूरेनियम की सप्लाई के लिए दोनों देश लॉन्ग टर्म व्यवस्था बनाएंगे. उन्होंने बताया कि तीन 'सिस्टर-सिटी' और 'सिस्टर-स्टेट' समझौते किए जा रहे हैं.
पीएम ने कहा कि इन समझौतों का पूरी क्षमता से इस्तेमाल हो, इसके लिए एक रोडमैप भी तैयार किया जाएगा. उन्होंने उज्बेकिस्तान के 'न्यू ताशकंद' और भारत के गुजरात में 'गिफ्ट सिटी' का जिक्र करते हुए दोनों देशों के बीच विकास और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग और समन्वय बढ़ाने की बात की.
वहीं, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान का रणनीतिक साझेदार है. उन्होंने बताया कि पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर से ज्यादा हुआ. वहीं, हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच जॉइंट वेंचर की संख्या भी कई गुना बढ़ी है.
उन्होंने बताया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हर हफ्ते तकरीबन 14 सीधी उड़ानें संचालित होती हैं. यह दोनों देशों के मजबूत सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है. मिर्जियोयेव ने कहा कि भारतीय नागरिकों के लिए तीस दिन की वीजा फ्री सुविधा शुरू होने से पर्यटन, व्यापार और दोनों देशों के बीच संपर्क और बढ़ेगा. साथ ही, सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे.