पंजाब में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के खिलाफ जारी एक्शन के बीच भारत सरकार ने विदेश में बैठकर सोशल मीडिया पर खालिस्तानी एजेंडा चलाने वालों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है.
ऐसे कई ट्विटर अकाउंट्स पर भारत में बैन लगा दिया गया है, जिनकी मदद से भारत के खिलाफ जहर उगला जा रहा था. खास बात यह है कि इसमें कनाडा के सांसद और न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जगमीत सिंह का अकाउंट भी शामिल है.
जगमीत लंबे समय से अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए भारत विरोधी एजेंडा चलाते रहे हैं. कनाडा के सांसद के अलावा इन सोशल मीडिया अकाउंट्स में कनाडा की कवियित्री रूपी कौर, यूनाइटेड सिख संगठन और कनाडा के ही गुरदीप सिंह सहोता का ट्विटर अकाउंट भी शामिल है.
लंदन और अमेरिका में हुए हमले
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है. जब हाल ही में ब्रिटेन की राजधानी लंदन और अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में खालिस्तान समर्थकों ने भारतीय उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास पर हमला किया था.
खालिस्तानियों ने किया था प्रदर्शन
लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग के सामने प्रदर्शन के दौरान खालिस्तान समर्थक हाई कमीशन की बिल्डिंग पर चढ़ गए थे और भारत का झंडा नीचे उतार दिया था. वहीं, अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में खालिस्तानियों ने भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला कर दिया था.
अमृतपाल के खिलाफ जारी है एक्शन
ये सभी घटनाक्रम पंजाब में अलगाववादियों के खिलाफ शुरू हुए क्रेक डाउन के बाद हुए थे. दरअसल, पंजाब में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के खिलाफ पुलिस ने अभियान चलाकर एक्शन शुरू कर दिया है. उसके करीब 112 समर्थक अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं तो वहीं अमृतपाल गिरफ्तारी के डर से फरार हो गया है.
पूरे पंजाब में हाई-अलर्ट
पंजाब पुलिस की कई टीमें अमृतपाल की तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. पूरा पंजाब इस समय हाई अलर्ट पर है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है. इस एक्शन के बाद ही देश के साथ-साथ विदेशों में बैठे खालिस्तान समर्थक भी बौखला गए हैं. इसलिए उन्होंने विदेशी धरती पर भारत के उच्चायोग और दूतावास को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.