प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान, पाकिस्तान (टीटीपी) की पंजाब इकाई ने आतंकवाद का रास्ता छोड़ने की घोषणा कर दी है. पंजाबी तालिबान के नाम से मशहूर इस संगठन ने यह घोषणा शनिवार को की. हालांकि मुख्य पंजाबी आतंकी अस्मातुल्ला मुआविया ने कहा कि उसका संगठन विदेशी अफगानी सेना के खिलाफ लड़ता रहेगा.
अस्मातुल्ला ने अपने साथियों के साथ पाकिस्तानी सेना के समक्ष समर्पण कर दिया. संगठन ने ये फैसला टीटीपी सुप्रीमो मुल्ला फजिउल्ला के साथ बढ़ते तनाव के कारण लिया है. फजिउल्ला पर मासूम लोगों के अपहरण, हत्या और जबरन उगाही का आरोप है.
मुआविया ने कहा कि फजिउल्ला जिन गतिविधियों में लिप्त था वो इस्लाम के खिलाफ है. उसने ये भी कहा कि समर्पण के बाद वह बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने जाएगा. उसने अन्य तालिबान आतंकियों से भी हिंसा छोड़ बात करने की गुजारिश की. विशेषज्ञों ने इस फैसले का स्वागत किया है. उनका मानना है कि इससे यह प्रतिबंधित संगठन कमजोर होगा.