रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 7 महीने से जंग जारी है. इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस में 3 लाख रिजर्व सैनिकों को तैनात करने का आदेश दिया है. पुतिन का ये ऐलान ऐसे वक्त पर आया, जब रूस यूक्रेन के चार हिस्सों को मिलाने की तैयारी में है. इसके लिए रूस शुक्रवार से इन इलाकों में जनमत संग्रह शुरू कराने जा रहा है. इन इलाकों में रहने वाले लोग 23-27 सितंबर के बीच अपना वोट डाल सकेंगे. उधर, यूक्रेन और उसके सहयोगियों ने इस जनमत संग्रह को अवैध बताते हुए रूस पर निशाना साधा है.
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश में आंशिक तौर पर सेना तैनात करने का आदेश दिया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश रूस को तबाह और कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं. इन देशों ने हद पार कर दी है. इतना ही नहीं पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर रूस की क्षेत्रीय अखंडता को खतरा पैदा हुआ, तो वे रूस के पास उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे. पुतिन ने कहा कि इस चेतावनी को हल्के में लेने की भूल न की जाए.
इन चारों हिस्सों को मिलाने की तैयारी
रूस यूक्रेन के डोनेत्स्क, लुहांस्क, खुरासान और ज़ापोरिज्जिया को अपना हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहा है. पुतिन ने इन इलाकों में जनमत संग्रह कराने का आदेश दिया है. पुतिन ने कहा कि यूक्रेन के लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक (LPR) को मुक्त करा लिया गया और डोनेत्स्क पीपुल्स रिपब्लिक डीपीआर (DPR) को भी आंशिक रूप से मुक्त करा लिया गया है. इसी बीच रूस के रक्षा मंत्री ने बताया कि देश में 3,00,000 रिजर्व सैनिकों को तैनात किया जाएगा.
पुतिन ने कहा, जो लोग रूस को लेकर ऐसे बयान देते हैं, मैं उन लोगों को याद दिलाना चाहता हूं कि हमारे देश में विनाश के विभिन्न साधन हैं, ये नाटो देशों से ज्यादा आधुनिक हैं. जब हमारे देश की क्षेत्रीय अखंडता को खतरा पहुंचेगा, तो रक्षा के लिए रूस और हमारे लोग निश्चित रूप से इन संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे.