देश और दुनिया के करोड़ों हिंदुओं के लिए शुभ घड़ी आने वाली है. 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होने जा रहा है. इसके लिए जोरों शोरों से तैयारियां की जा रही हैं. ऐसे में अमेरिका में भारतीय मूल के एक शख्स ने मंदिर के निर्माण में भारतीय समुदाय के योगदान के लिए उठाए गए जरूरी कदमों का स्वागत किया है.
भारतीय मूल के सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम भंडारी ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया है. दरअसल वह इससे पहले पीएम मोदी से अपील कर चुके थे कि भारतीय समुदाय के लोगों को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में योगदान करने की इजाजत दी जाए. उन्होंने कहा था कि दुनियाभर में तकरीबन 3.5 करोड़ प्रवासी भारतीय और भारतीय मूल के लोग हैं, जिनमें से अधिकतर मंदिर निर्माण में योगदान करना चाहते हैं.
भंडारी की अपील पर भारत सरकार ने उठाया था कदम!
उन्होंने दरअसल प्रधानमंत्री मोदी से यह सुनिश्चित करने की अपील की थी किए एक ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भारतीय समुदाय के लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार राशि का योगदान कर सकें. इसके बाद श्रीराम जन्मभूमित तीर्थ क्षेत्र की वेबसाइट पर प्रावधान किए गए ताकि भारतीय मूल के और नॉन इंडिया पासपोर्टधारक भी मंदिर निर्माण में दान दे सकें.
वेबसाइट पर कहा गया था कि ट्रस्ट ने विदेशी योगदान विनियमन एक्ट (एफसीआरए) 2010 के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है और अब नॉन इंडियन पासपोर्टधारक भक्त भी स्वेच्छ से मंदिर निर्माण में योगदान दे सकते हैं.
‘ओवरसीज फ्रैंड्स ऑफ राम मंदिर‘ नाम के संगठन की स्थापना करने वाले भंडारी ने इस कदम का स्वागत करते हुए दुनियाभर के 3.5 करोड़ प्रवासी भारतीयों से इस ट्रस्ट को दान देने का आह्वान किया था.
भंडारी ने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं और इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए उनके आभारी हैं. अयोध्या से हजारों मील दूर बैठकर हम राम मंदिर से जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं.
22 जनवरी को मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले भंडारी ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा और दुनियाभर के भक्त अब अपनी श्रद्धानुसार इस पावन अवसर के लिए योगदान कर सकेंगे. भंडारी ने कहा कि उन्होंने ओवरसीज फ्रैंडस ऑफ राम मंदिर संगठन के अपने दोस्तों के साथ नए साल से ही दुनियाभर के प्रवासी भारतीयों से जुड़ना शुरू कर दिया है.