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Ramadan से पहले Saudi Arabia में ऊंट की नीलामी! इतने करोड़ में लगी बोली, जानें- खासियत

रमजान से ठीक पहले सऊदी अरब में एक दुर्लभ ऊंट की नीलामी की गई है. ऊंट की बोली करोड़ों में लगी है. ये ऊंट सऊदी अरब में बेहद दुर्लभ माना जाता है और इसकी अनुठी खूबसूरती भी इसके बढ़े हुए कीमत की बड़ी वजह है.

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ऊंट सऊदी अरब की संस्कृति में शामिल हैं (Photo- AFP/Getty Images)
ऊंट सऊदी अरब की संस्कृति में शामिल हैं (Photo- AFP/Getty Images)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सऊदी अरब में करोड़ों में नीलाम हुआ ऊंट
  • दुर्लभ किस्म के ऊंट की हुई सार्वजनिक नीलामी
  • सुंदरता के लिए विख्यात है ये दुर्लभ ऊंट

इस्लाम के पवित्र महीने रमजान से पहले सऊदी अरब में एक ऊंट की बोली जितनी लगाई गई है, उसे सुनकर आप दांतों तले उंगली दबा लेंगे. ये सऊदी अरब के अब तक के सबसे महंगा ऊंटों में से एक बताया जा रहा है. सऊदी अरब के इस अनुठे ऊंट की बोली एक नीलामी के दौरान सात मिलियन सऊदी रियाल (14 करोड़ 23 लाख 45 हजार 462 रुपये) लगाई गई.

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सऊदी अरब के स्थानीय न्यूज पोर्टल Al Mard ने जानकारी दी है कि सऊदी के सबसे महंगे ऊंटों में से एक, इस ऊंट के लिए सार्वजनिक नीलामी का आयोजन किया गया. 

नीलामी का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें बोली लगाने वाला शख्स पारंपरिक पोशाक में भीड़ के बीच माइक्रोफोन पकड़े हुए नीलामी की बोली लगा रहा है. ऊंट की शुरुआती बोली 5 मिलियन सऊदी रियाल (10 करोड़ 16 लाख 48 हजार 880 रुपये) लगाई गई.

ऊंट के लिए अधिकतम बोली 7 मिलियन सऊदी रियाल की लगाई गई जिस पर उसे नीलाम कर दिया गया. हालांकि, ऊंट को इतनी ऊंची कीमत देकर किस शख्स ने खरीदा, इस बात का खुलासा नहीं किया गया है.

क्या है सऊदी अरब के सबसे महंगे ऊंट की खासियत?

वीडियो में देखा जा सकता है कि ऊंट को एक धातु के बाड़े के अंदर रखा गया है और उसके आसपास पारंपरिक पोशाक पहने नीलामी में शामिल लोगों की भीड़ खड़ी है. नीलाम किया गया ऊंट बेहद दुर्लभ माना जाता है. अपनी अलग सुंदरता और अनुठेपन के लिए ये ऊंट विख्यात है. इस प्रजाति के ऊंट बेहद कम देखने को मिलते हैं. 

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सऊदी अरब की संस्कृति में शामिल हैं ऊंट

रेगिस्तानी इलाके वाले सऊदी अरब और ऊंटों के बीच काफी पुराना रिश्ता रहा है. ऊंट सऊदी के लोगों की संस्कृति का हिस्सा हैं. ये सदियों से सऊदी के लोगों के जीवन में शामिल रहे हैं और इन्हें 'रेगिस्तान का ऊंट' कहा जाता है.

रमजान में भी ऊंट का काफी महत्व है. रमजान महीना खत्म होने के अगले दिन ईद को सऊदी अरब में ऊंटों की बलि देने की भी परंपरा रही है. इस्लाम में कुर्बानी के दौरान बलि दिए गए जानवर को तीन हिस्सों में बांटा जाता है. पहला हिस्सा किसी गरीब को दिया जाता है और बाकी के दो हिस्से परिवार और रिश्तेदारों के लिए रखे जाते हैं.

सऊदी अरब में ही विश्व का सबसे बड़ा कैमल फैस्टिवल भी आयोजित किया जाता है. कैमल क्लब की तरफ से आयोजित किए जाने वाले इस फेस्टिवल का उद्देश्य सऊदी अरब, खाड़ी देशों और इस्लामी संस्कृति में ऊंट के विरासत को मजबूत करना और इसे बढ़ावा देना है. इस फेस्टिवल के जरिए पर्यटन, खेल और मनोरंजन को भी बढ़ावा दिया जाता है. 

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