पाकिस्तान में हाल ही में हुए आम चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाने वाले रावलपिंडी के पूर्व कमिश्नर लियाकत अली चट्ठा अब अपने आरोपों से मुकर गए हैं. लियाकत अली चट्ठा ने कहा कि वह अपने दावों पर बेहद शर्मिंदा हैं. पूर्व नौकरशाह लियाकत अली चट्ठा ने हाल ही में आरोप लगाया था पाकिस्तान के आम चुनावों में रावलपिंडी के 13 उम्मीदवारों को जबरदस्ती विजेता घोषित किया गया था. उनके आरोपों से पाकिस्तान की सियासत में भूचाल आ गया था.
अपने अपने आरोपों से यू टर्न लेते हुए लियाकत अली ने कहा, "मैं अपने कृत्यों की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं और किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई के लिए खुद को अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर रहा हूं."
पीटीआई के कहने पर लगाए आरोप- चट्ठा
उन्होंने अपनी माफी का लिखित बयान इलेक्शन कमीशन में जमा करवाया है और कहा है कि उन्होंने एक पार्टी के कहने पर आरोप लगाए थे.चट्ठा ने कहा कि वह लगाए गए आरोपों से शर्मिंदा हैं और वह कौम से माफी चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'मैं 9 मार्च को रिटायर हो रहा था और अपने मुस्तकबिल और सरकारी सुविधाओं को छूटने से परेशान था. एक सियासी पार्टी के कहने पर मैंने ये सारे आरोप लगाए थे. मैंने 11 फरवरी को इस पार्टी के मुखिया से लाहौर में मुलाकात की थी जिसने मुझे वादा किया था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो मुझे ऊंचा पद दिया जाएगा. पहले मैंने सोचा कि इस्तीफा दूं लेकिन फिर तय किया कि एक धमाकेदार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाए जाएं...'
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इस घटनाक्रम पर नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PMLN) की भी प्रतिक्रिया आई. PMLN ने आरोप लगाया प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी चुनाव को विवादास्पद बनाने की कोशिश कर रही है जिससे पाकिस्तान की छवि धूमिल हुई है.'
लगाए थे ये आरोप
कुछ दिन पहले ही रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए लियाकत अली ने कहा था कि मैं इस सारे गलत काम की जिम्मेदारी ले रहा हूं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और सुप्रीम कोर्ट के एक शीर्ष न्यायाधीश भी इस धांधली में शामिल थे. उन्होंने कहा कि हमने ऐसे निर्दलीय कैंडिडेट्स जो 70 से 80 हजार वोटों से आगे चल रहे थे, उन्हें धांधली कर हरवा दिया गया.
लियाकत अली ने कहा था कि वह अपने "पद और नौकरी" से इस्तीफा दे रहे हैं, क्योंकि वह 2024 के चुनाव में धांधली जैसे गंभीर अपराध में शामिल थे. उन्होंने इसे लेकर एक लेटर भी लिखा है. ये लेटर पंजाब के राज्यपाल हाजी गुलाम अली, अंतरिम प्रांतीय मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी और प्रांतीय मुख्य सचिव को संबोधित था.
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'मुझ पर काफी दवाब था
'रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चट्ठा ने कहा था कि उन पर इस हद तक "दबाव" था कि उन्होंने सुबह आत्महत्या के बारे में सोचा, लेकिन फिर जनता के सामने मामले को पेश करने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि पूरी ब्यूरोक्रेसी से मेरा अनुरोध है कि इन सभी राजनीतिक लोगों के लिए कुछ भी गलत न करें.
चुनाव आयोग ने दी थी ये प्रतिक्रिया
चट्ठा के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने कहा कि उसने ईसीपी या मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आरोपों को दृढ़ता से खारिज कर दिया. EC ने कहा कि उसके किसी भी अधिकारी ने कभी भी चट्ठा को चुनाव परिणामों में बदलाव के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया. इसमें कहा गया है कि किसी भी मंडल के आयुक्त को न तो कभी जिला रिटर्निंग अधिकारी, रिटर्निंग कार्यालय या पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है और न ही वे कभी चुनाव के संचालन में प्रत्यक्ष भूमिका निभाते हैं. हालांकि चुनाव आयोग जल्द से जल्द इस मामले की जांच कराने का भरोसा दिया था.