ब्रिटेन में जारी प्रधानमंत्री रेस अब चीन और उसकी विस्तारवादी नीति पर आ गई है. पीएम उम्मीदवार और सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी की लिज ट्रस ने ऋषि सुनक पर चीन पर कमजोर रुख करने का आरोप लगाया था. अब उस आरोप पर ऋषि सुनक ने मुंहतोड़ जवाब दिया. उन्होंने ना सिर्फ चीन को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बता दिया है बल्कि पीएम बनने पर क्या-क्या एक्शन लिया जाएगा, इसकी जानकारी भी दे दी है.
ऋषि सुनक ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरी दुनिया के लिए इस समय चीन सबसे बड़ा खतरा है. जिस तरह से उसने अमेरिका और भारत जैसे देशों को अपना निशाना बनाया है, उसकी नीति स्पष्ट दिखाई पड़ती है. ऋषि ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में चीन तकनीकी आक्रामकता दिखा रहा है, नई-नई तकनीक के जरिए दूसरे देशों के काम में हस्तक्षेप कर रहा है. अब इसे रोकने के लिए ऋषि सुनक ने नेटो जैसा एक और संगठन खड़ा करने की बात की है. उनके मुताबिक आजाद देशों का एक ऐसा संगठन तैयार किया जाएगा जो इस चीनी आक्रमकता को रोकने का काम करेगा.
अपने संबोधन में ऋषि सुनक ने ये भी आरोप लगा दिया चीन द्वारा लंबे समय से ब्रिटेन की तकनीक को चोरी किया जा रहा है. उनके मुताबिक इस समय चीन देश में चल रहे विश्वविद्यालयों में घुसपैठ कर रहा है, ताइवान जैसे देशों को डरा रहा है, हांग कांग में मानवधिकारों का उल्लंघन कर रहा है. इसके अलावा चीन की विस्तारवादी नीति का जिक्र करते हुए सुनक ने कहा कि इस समय चीन कई देशों को कर्ज तले दबा रहा है. फिर उनकी संपत्ति पर अपना कब्जा जमा रहा है. ऋषि सुनक ने अपनी आगे की रणनीति बताते हुए ये भी साफ कर दिया कि पीएम बनने पर वे ब्रिटेन में जारी उन 30 Confucius Institutes को बंद कर देंगे जिनका संचालन चीन करता है. आरोप लगाया गया कि इन इंस्टीट्यूट्स के जरिए चीनी प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है.
ऋषि सुनक ने इस बात पर भी जोर दिया कि चीनी जासूस की तमाम गतिविधियों को नाकाम करने के लिए ब्रिटेन की घरेलू जासूसी एजेंसी MI5 का इस्तेमाल किया जाएगा. ब्रिटेन में काम कर रही तमाम कंपनियों को भी सुरक्षा दी जाएगी. अब इस समय चीन मुद्दे पर ये सख्त रुख अपना ऋषि सुनक ने बड़ा दांव चल दिया है. जब उन पर ऐसे मुद्दों पर नरम रुख रखने का आरोप लग रहा है, उन्होंने एक झटके में चीन पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए हैं. अपने इस अंदाज के दम पर वे वोटरों के बीच में अपनी छवि को बदलने का काम कर रहे हैं.
PTI इनपुट