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उधर अमेरिका से समझौता, इधर रूस ने दिया सस्ती गैस का ऑफर! अब क्या करेगा भारत?

पीएम मोदी के अमेरिका दौरे में भारत और अमेरिका के बीच एक समझौता हुआ जिसमें तय हुआ कि अमेरिका भारत को और अधिक तेल और गैस की आपूर्ति करेगा. इसी बीच रूस की तरफ से भी गैस का ऑफर आया है. रूस ने कहा है कि वो भारत को प्रतिस्पर्धी कीमत पर गैस की आपूर्ति बढ़ाएगा.

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अमेरिका के साथ समझौते के बीच रूस ने भारत को गैस खरीदने का ऑफर दिया है (Photo- Reuters)
अमेरिका के साथ समझौते के बीच रूस ने भारत को गैस खरीदने का ऑफर दिया है (Photo- Reuters)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे में भारत और अमेरिका के बीच तेल और गैस व्यापार को लेकर अहम समझौता हुआ है. इस समझौते की जानकारी देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई कि अमेरिका जल्द ही भारत का शीर्ष तेल और गैस आपूर्तिकर्ता बन जाएगा. इसी बीच रूस ने भारत को प्रतिस्पर्धी कीमत पर गैस खरीदने की ऑफर दे दिया है.

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रूस के डिप्टी ऊर्जा मंत्री पावेल सोरोकिन ने रूस के सरकारी ब्रॉडकास्टर रसिया टीवी से कहा है कि रूस का सबसे बड़ा तेल खरीददार लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) का बड़ा बाजार है. उन्होंने कहा कि रूस प्रतिबंधों के बावजूद अपने प्राकृतिक गैस का उत्पादन और निर्यात बढ़ा रहा है.

नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में उन्होंने कहा, 'भारत एलएनजी बेचने के लिए हमसे काफी दूर है. पहले, हमारे पास इतना एलएनजी नहीं था कि हम भारत के साथ इसे बेचने के लिए कोई कॉन्ट्रैक्ट कर सकें लेकिन अब ऐसा नहीं है. हम अपना एलएनजी बाजार बड़ा कर रहे हैं, नए प्रोजेक्ट्स शुरू कर रहे हैं और उम्मीद है कि भारत इस क्षेत्र में एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार बन जाएगा.'

उन्होंने कहा कि रूस पर अमेरिका और उसके सहयोगियों के प्रतिबंध बढ़ रहे हैं, बावजूद इसके रूस अपने भागीदारों के साथ व्यापार करना जारी रखेगा. साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस भारत को अपेक्षाकृत सस्ती दरों पर ही निर्यात करता है. 

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उन्होंने कहा, 'हम मुक्त बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं, जब तक कि इसमें प्रतिबंधों जैसे अवैध तरीके न शामिल हों.'

किन देशों से प्राकृतिक गैस खरीदता है भारत?

भारत अपनी जरूरत का 50% प्राकृतिक गैस आयात करता है. कतर और अमेरिका भारत को गैस निर्यात करने वाले शीर्ष देश हैं. ऐसा अनुमान है कि 2023-2030 के बीच भारत की प्राकृतिक गैस की खपत 60% तक बढ़ जाएगी. ऐसे में घरेलू जरूरत को पूरा करने के लिए भारत को गैस का आयात बढ़ाना पड़ेगा.

एलएनजी आयात करने के लिए भारत में फिलहाल सात एलएनजी टर्मिनल हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 4.77 करोड़ मीट्रिक टन प्रति वर्ष है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का कहना है कि भारत में एलएनजी की बढ़ती मांग के कारण निर्यात को बढ़ाना पड़ेगा.

विश्लेषक फर्म केप्लर के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े गैस निर्यातकों में से एक रूस ने पिछले साल रिकॉर्ड 3.36 करोड़ मीट्रिक टन एलएनजी बेचा, जिसमें से आधे से ज्यादा यूरोपीय संघ को भेजी गई. 

अमेरिका के साथ समझौता, रूस का ऑफर, क्या करेगा भारत?

गैस को लेकर रूस का ऑफर ऐसे वक्त में सामने आया है जब गुरुवार को ही अमेरिका और भारत के बीच तेल और गैस को लेकर एक समझौता हुआ है. भारत सबसे अधिक कच्चा तेल रूस से खरीदता है और अमेरिका रूस की जगह लेना चाहता है. समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो चाहते हैं, भारत सबसे अधिक तेल और गैस अमेरिका से खरीदे.

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बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमने अमेरिका से करीब 15 अरब डॉलर का ऊर्जा खरीदा है. इस बात की अच्छी संभावना है कि यह आंकड़ा बढ़कर 25 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा.'

एक तरफ अमेरिका भारत का शीर्ष तेल, गैस आपूर्तिकर्ता बनना चाहता है, तो वहीं दूसरी तरफ रूस भारत को अपेक्षाकृत सस्ती कीमतों पर तेल देता है और तार्किक कीमतों पर गैस भी ऑफर कर रहा है. भारत के लिए यह फायदे का सौदा हो सकता है. अमेरिका और रूस की प्रतिस्पर्धा में भारत को अपेक्षाकृत सस्ती गैस मिल सकती है.

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