रूस की राजधानी मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में शुक्रवार को आतंकियों ने खूनी खेल खेला. क्रोकस सिटी हॉल शुक्रवार की रात आतंकी हमले से दहल उठा. लोग यहां रॉक ग्रुप 'पिकनिक' का प्रोग्राम देखने गए थे. लेकिन प्रोग्राम शुरू होने से पहले ही मंजर बदल गया. चार से पांच आतंकी ऑटोमेटिक हथियारों से लैस होकर आते हैं और हॉल में अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर देते हैं.
6,200 सीटों वाले क्रोकस सिटी हॉल में रॉक ग्रुप 'पिकनिक' को अपना परफॉरमेंस देना होता है. परफॉरमेंस को देखने के लिए लोगों की भीड़ इकट्टा रहती है. लेकिन प्रोग्राम शुरू हो, इससे पहले ही कॉन्सर्ट गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठता है. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं, लेकिन आतंकियों की नजर के सामने जो भी आया, उन्होंने सबको भून डाला. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस हमले में 93 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि 145 लोग घायल बताए जा रहे हैं. मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है. आतंकी हमले में फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) के प्रमुख ने राष्ट्रपति पुतिन को बताया कि क्रोकस सिटी हॉल पर आतंकवादी हमले में सीधे तौर पर शामिल चार लोगों सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
दरअसल, कॉन्सर्ट शुरू होने से पहले लोग हॉल में अपनी सीटें ले रहे थे, इतने में आतंकी गोलियां बरसना शुरू कर देते हैं, लोग अपनी जान बचाने के लिए हॉल से बाहर भागते हैं. लेकिन गोलियां की जद में जो-जो आया आतंकियों ने सबकी जान ले ली. गोलियों की तड़तड़ाहट से कॉन्सर्ट में चारो ओर चीखें गूंजने लगती हैं. घायल खून से लथपथ फर्श पर गिरे हुए हैं और आतनी बेखौफ गोलियां बरसाकर निकल जाते हैं. इस आतंकी हमले का वीडियो भी सामने आया है.
एक चश्मदीद ने बताया, 'अचानक हमारे पीछे धमाके की आवाजें सुनाई दी. पीछे मुड़कर देखा तो गोलियां चल रही थीं. मुझे समझ नहीं आया कि ये क्या हो रहा है. देखते ही देखते भगदड़ मच गई. हर कोई एस्केलेटर की ओर भागा. सभी चिल्ला रहे थे, सभी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.'
कलाश्निकोव असॉल्ट राइफल से हमला
आतंकी जिस हथियार का इस्तेमाल कर रहे थे उसका नाम ऑटोमेटिक कलाश्निकोव राइफल है. पुलिस ने बताया है कि आतंकियों ने कलाश्निकोव असॉल्ट राइफल से हमला किया है. इस राइफल को रूसी भाषा में 'कलश' भी कहा जाता है. इसे सोवियत काल में 1974 में पहली बार बनाया गया था, जो एके-74 के रूप में भी चर्चित है. इसके अलावा जैकेट, मैगजीन और खोखे बरामद किए गए. रूसी जांच एजेंसी ने राइफल और उससे चलाई गई गोलियों की तस्वीरें जारी की हैं.
आतंकियों के विस्फोट से हॉल में लगी आग
आतंकियों ने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखा था और उनके पास विस्फोटक भी थे. गोलीबारी करने के बाद आतंकियों ने हॉल में विस्फोटक से भी हमले किए. इससे हॉल में आग लग गई. हमला की भयावह तस्वीर देखकर रूह कांप जाएगी.
2004 के बाद रूस में सबसे बड़ा हमला
रूस में इस हमले को 2004 के बेसलान स्कूल में हमले के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है. 2004 में बेसलान स्कूल की घेराबंदी कर इस्लामी आतंकवादियों ने सैकड़ों बच्चों सहित 1,000 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया था.
इस्लामिक स्टेट ने ली हमले की जिम्मेदारी
हमले की जिम्मेदारी लेने के साथ ही इस्लामिक स्टेट ने अपने कथित टेलीग्राम चैनल के जरिए दावा किया कि हमले को अंजाम देकर उसके आतंकी ठिकाने पर वापस लौट गए. हालांकि, कुछ स्थानीय मीडिया का कहना है कि जिस लोगो के साथ आतंकी संगठन ने दावा जारी किया है, वो फर्जी भी हो सकता है. इस दावे की फिलहाल किसी स्थानीय एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हो सकी है. बताया जाता है कि कन्सर्ट हॉल मॉस्को में काफी मशहूर है, और बीते दिन यहां कमोबेश 6200 लोग मौजूद थे.
पूर्व रूसी राष्ट्रपति ने दी प्रतिक्रिया
रूस के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा समय में राष्ट्रीय सुरक्षा परिशद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने शुक्रवार शाम को एक टेलीग्राम पोस्ट में आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा है कि आंतकवादी केवल आतंक की भाषा ही समझते हैं. अगर ये आतंकवादी यूक्रेन के होते हैं तो हम उनसे और उनके आइडियोलॉजी से अलग तरीके से नहीं निपट सकते हैं. जिन्होंने ये क्रूरता की है उन हमलावरों को आतंकवादियों के रूप में ढूंढा जाना चाहिए और बेरहमी से उन्हें मौत के घाट उतार देना चाहिए. उन्होंने मौत का जवाब मौत से देने की बात कही है.