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Russia की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल 'जिरकॉन' का टेस्ट सफल, गति- 1 सेकेंड में 3.1 KM

Zircon Hypersonic Cruise Missile: रूस ने बैरेंट्स सागर से अपनी ताकतवर हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल जिरकॉन का सफल परीक्षण किया. इसने 1000 किलोमीटर दूर व्हाइट सी में मौजूद टारगेट को सटीकता से ध्वस्त कर दिया. आइए जानते हैं इस मिसाइल की खासियत...

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Zircon Hypersonic Cruise Missile: रूस की इस मिसाइल की गति ही इसकी सबसे खतरनाक बात है.
Zircon Hypersonic Cruise Missile: रूस की इस मिसाइल की गति ही इसकी सबसे खतरनाक बात है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अधिकतम रेंज 1500 किलोमीटर
  • परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम

रूस (Russia) ने शनिवार यानी 28 मई 2022 को अपनी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल जिरकॉन (Zircon) का बैरेंट्स सागर (Barents Sea) में सफल परीक्षण किया. परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस मिसाइल ने सफेद सागर (White Sea) में 1000 किलोमीटर से थोड़ी ज्यादा दूरी पर मौजूद टारगेट को सटीकता से नष्ट कर दिया. इस मिसाइल की गति ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है. 

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जिरकॉन (Zircon) हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल को 3M22 Tsirkon भी बुलाते हैं. रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस परीक्षण का वीडियो जारी किया है. इस मिसाइल को एक जंगी जहाज से दागा जा रहा है. यह तेजी से ऊपर जाते हुए आसमान में गायब हो जाती है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) ने कहा कि यह रूस की नई पीढ़ी की घातक मिसाइल है. 

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ये रूस की आधुनिक मिसाइल है, जिससे दुश्मन को डर लगेगा.
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ये रूस की आधुनिक मिसाइल है, जिससे दुश्मन को डर लगेगा. 

आवाज की गति से 9 गुना ज्यादा स्पीड

हाइपरसोनिक मिसाइल आवाज की गति से 9 गुना ज्यादा गति में यात्रा कर सकती है. जिरकॉन (Zircon) मिसाइल एक सेकेंड में 3.1 किलोमीटर की दूरी तय करती है. यानी एक घंटे में 11 हजार किलोमीटर. रूस ने पिछले साल भी इस मिसाइल का जंगी जहाजों और पनडुब्बियों से सफल परीक्षण किया था. 

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ऑपरेशनल रेंज 1000 किलोमीटर है

जिरकॉन (Zircon) हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल की लंबाई 30 फीट है. इसका व्यास 24 इंच है. इसकी अधिकतम रेंज 1500 किलोमीटर है इसमें 200 Kt tnw परमाणु हथियार लगाया जाता है. इसमें स्क्रैमजेट इंजन लगा है. हालांकि ऑपरेशनल रेंज 1000 किलोमीटर है. यह अधिकतम 28 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है. 

बैरेंट्स सागर में रूसी युद्धपोत से दागी जाती जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल.
बैरेंट्स सागर में रूसी युद्धपोत से दागी जाती जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल.

किसी भी जगह से दागी जा सकती है

जिरकॉन (Zircon) हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल को पनडुब्बी, जंगीपोत या जमीन पर लगे लॉन्चर से दागा जा सकता है. अगर इसे कम ऊंचाई पर उड़ाया जाए तो यह 250 से 500 किलोमीटर तक जा सकती है. 740 किलोमीटर की दूरी के लिए इसे सेमी-बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी यानी थोड़ी ऊंचाई देनी होगी. 

अमेरिकी टोमाहॉक मिसाइल से 11 गुना तेज

इसकी तुलना अमेरिका के टोमाहॉक (Tomahawk) मिसाइल से की जाती है. लेकिन ये टोमाहॉक से दोगुनी वजनी और 11 गुना ज्यादा तेज बताई जाती है. रूस की इस घातक मिसाइल की गति इतनी ज्यादा है कि इसे वर्तमान मिसाइल डिफेंस टेक्नोलॉजी इंटरसेप्ट भी नहीं कर पाएगी. यानी हवा में मारकर गिरा नहीं पाएगी. यह किसी भी रडार के पकड़ में नहीं आएगी. 

इसकी तुलना अमेरिकी मिसाइल टोमाहॉक से की जाती है. ये दुश्मन को धोखा देने में सक्षम. (फोटोः रूसी रक्षा मंत्रालय)
इसकी तुलना अमेरिकी मिसाइल टोमाहॉक से की जाती है. ये दुश्मन को धोखा देने में सक्षम. (फोटोः रूसी रक्षा मंत्रालय)

किसी भी रडार के पकड़ में नहीं आएगी

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सिर्फ इतना ही नहीं यह मिसाइल समुद्र के ऊपर कम ऊंचाई में उड़ते हुए दुश्मन और उसके अत्याधुनिक तकनीकों को धोखा देने में सक्षम है. जिरकॉन (Zircon) हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल को सबसे पहले पिछली साल किरोव क्लास बैटलक्रूजर एडमिरल नाखिमोव में तैनात किया गया था. 
 
हाइपरसोनिक मिसाइल क्या होते है?

हाइपरसोनिक मिसाइल (Hypersonic Missile) वो हथियार होते हैं, जो ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा गति में चले. यानी कम से कम मैक 5 (Mach 5). साधारण भाषा में इन मिसाइलों की गति 6100 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है. इनकी गति और दिशा में बदलाव करने की क्षमता इतनी ज्यादा सटीक और ताकतवर होती हैं, कि इन्हें ट्रैक करना और मार गिराना अंसभव होता है. 

किन देशों के पास हैं हाइपरसोनिक मिसाइल?

हाइपरसोनिक मिसाइल (Hypersonic Missile) अमेरिका, रूस और चीन के पास हैं. कहा जाता है कि उत्तर कोरिया भी ऐसी मिसाइल विकसित करने में लगा है. जो धरती से अंतरिक्ष या धरती से धरती के दूसरे हिस्से में सटीकता से मार कर सकते हैं. वैसे भारत भी ऐसी मिसाइल को विकसित करने में जुटा हुआ है. लेकिन इसके बारे में अभी शुरुआती प्रयास किए जा रहे हैं. 

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