Russia-Ukraine Conflict: यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आज अपने राष्ट्र को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को तानाशाह बताया. उन्होंने कहा कि रूस की कार्रवाई बर्बरतापूर्ण है. उन्होंने कहा कि हम यूक्रेन के साथ खड़े हैं, उनकी जनता के साथ खड़े हैं. उन्होंने रूस के राष्ट्रपति को तानाशाह बताया. उन्होंने कहा कि रूस ने यूक्रेन को तीन तरफ से घेर लिया है. कितना भी समय लग जाए, ब्रिटेन यूक्रेन के साथ खड़ा है. ये हमला यूक्रेन पर नहीं, व्यवस्था पर है, लोकतंत्र पर है. यूक्रिन की स्वतंत्रता, संप्रभुता के लिए ब्रिटेन खड़ा है.
इससे पहले एक ट्वीट में बोरिस जॉनसन ने कहा था कि वे जी-7 के साथी नेताओं से भी इस संबंध में बातचीत करेंगे. जॉनसन ने कहा कि मैं सभी नाटों नेताओं की जल्द से जल्द बैठक भी बुलाऊंगा.
This is a catastrophe for our continent.
I will make an address to the nation this morning on the Russian invasion of Ukraine.
I will also speak to fellow G7 leaders and I am calling for an urgent meeting of all NATO leaders as soon as possible.
— Boris Johnson (@BorisJohnson) February 24, 2022
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने गुरुवार शाम को ट्वीट कर कहा कि रूस चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर कब्जा कराना चाहता है. जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के सैनिक अपनी जान दे रहे हैं ताकि 1986 की त्रासदी दोबारा न हो. उन्होंने कहा कि मैंने स्वीडन की प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन से भी बात की है और उन्हें ताजा हालातों के बारे में बताया है. उन्होंने कहा कि रूस की ये कार्रवाई सिर्फ यूक्रेन नहीं बल्कि पूरे यूरोप के खिलाफ है.
Russian occupation forces are trying to seize the #Chornobyl_NPP. Our defenders are giving their lives so that the tragedy of 1986 will not be repeated. Reported this to @SwedishPM. This is a declaration of war against the whole of Europe.
— Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) February 24, 2022
पौलेंड के राजदूत ने कहा- हम यूक्रेन के साथ खड़े हैं
यूक्रेन संकट को लेकर भारत में पोलैंड के राजदूत एडम बुरकाउस्की ने आज तक से ख़ास बातचीत की. उन्होंने कहा कि रूस का रुख बेहद आक्रामक है, हम यूक्रेन के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा कि रूस इस समय वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बन चुका है.
जर्मनी के चांसलर ने कहा- यूक्रेन को नक्शे से मिटाने की कोशिश
जर्मन चांसलर स्कोल्ज़ का कहना है कि यूक्रेन संघर्ष को अन्य यूरोपीय देशों में फैलने से रोकना चाहिए. उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन को मानचित्र से मिटाने की कोशिश कर रहे हैं.
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा- ये हमला यूरोप के इतिहास का टर्निंग प्वाइंट
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन पर रूस के हमले को यूरोप के इतिहास का टर्निंग प्वाइंट बताया है. फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के गहरे और स्थायी परिणाम होंगे.
इटली की पीएम ने रूस की कार्रवाई की निंदा की
इटली की प्रधानमंत्री ने भी रूस के हमले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. इटली की पीएम मारियो ड्रैघी ने यूक्रेन पर रूस की ओर से मिलिट्री कार्रवाई की निंदा की. ड्रैघी ने कहा कि हम एकता और दृढ़ संकल्प के साथ जवाब देंगे. इसके लिए यूरोपीय और नाटो सहयोगियों के साथ काम कर रहे हैं.
नाटो ने दी चेतावनी, कहा- यूक्रेन से रूस को फौरन सेना हटाना चाहिए
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि रूस को अपनी सैन्य कार्रवाई रोकते हुए फौरन यूक्रेन से हट जाना चाहिए. रूस को अंतर्राष्ट्रीय नियमों को सम्मान करना चाहिए. रूस की नीयत दुनिया देख रही है, वो यूक्रेन पर अपनी ताकत का इस्तेमाल कर रहा है. नाटो महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने यूक्रेन पर रूस की कार्रवाई को अकारण और अनुचित हमला करार दिया.
कनाडा के पीएम ने कहा- रूस को गंभीर परिणाम भुगतना होगा
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने यूक्रेन पर रूसी हमले के बारे में अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले अनुचित, अकारण और अस्वीकार्य हैं. उन्होंने कहा कि रूस को इसके लिए गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई के बाद चीजें अब तेजी से बदल रही हैं. यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों में गुरुवार सुबह धमाके सुनाई दिये थे. दूसरी तरफ यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने भी रूसी सेना को नुकसान पहुंचाया है. हमले की शुरुआत यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों में धमाके से हुई. फिलहाल यूक्रेन मे दूसरे देशों के साथ-साथ पीएम मोदी से भी मदद मांगी है. वहीं अमेरिका ने रूस को चेताया है. चीन ने मामले को शांति से सुलझाने की गुजारिश की है.