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Russia-Ukraine crisis: यूक्रेन में ग्राउंड पर क्या हालात, दुनिया के लिए कितना बड़ा है संकट? पढ़ें अहम सवालों के जवाब

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. NATO ने भी 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान और 120 से ज्यादा जंगी जहाजों को हाई अलर्ट पर रखा है. वहीं, रूसी सांसदों ने पुतिन को यूक्रेन पर हमला करने का सुझाव दिया है.

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पूर्वी यूक्रेन के दो इलाकों में रूस ने सेना भेज दी है. (फाइल फोटो-AP/PTI)
पूर्वी यूक्रेन के दो इलाकों में रूस ने सेना भेज दी है. (फाइल फोटो-AP/PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूक्रेन के दो इलाकों में रूस ने भेजी सेना
  • सीमा पर ब्लड सप्लाई भी बढ़ा दी गई
  • यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंची NATO सेना

Russia-Ukraine War: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) अब यूक्रेन से आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. उन्होंने पूर्वी यूक्रेन के डोनेत्स्क (Donetsk) और लुहंस्क (Luhansk) को अलग देश के तौर पर मान्यता देने के बाद यहां सेना भी उतार दी है. 

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) का कहना है कि 'यूक्रेन पर रूसी हमले की ये शुरुआत भर है.' वहीं, यूरोपियन यूनियन में फॉरेन पॉलिसी चीफ जोसेप बोरेल का कहना है कि ये पूरी तरह से आक्रमण तो नहीं है, लेकिन रूसी सेना अब यूक्रेन की जमीन पर हैं. 

यूक्रेन के डोनबास (Donbas) इलाके में सेना उतारने पर अमेरिका समेत कई देशों मे प्रतिबंध लगाने भी शुरू कर दिए हैं. हालांकि, रूसी राष्ट्रपति पुतिन इन प्रतिबंधों को नजरअंदाज कर आगे बढ़ते जा रहे हैं.

1. पुतिन ने क्या कदम उठाया?

- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को पूर्वी यूक्रेन के डोनबास में स्थित डोनेत्स्क और लुहंस्क को एक स्वतंत्र देश के तौर पर मान्यता दे दी. इसके साथ ही इन दोनों इलाकों में सेना भेजने के आदेश भी दे दिए हैं. 

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- डोनेत्स्क और लुहंस्क दोनों ने 2014 में ही खुद को एक स्वतंत्र देश घोषित कर दिया था. इन दोनों इलाकों में यूक्रेन की सेना भी मौजूद है और सालों से रूस समर्थित अलगावावदियों और यूक्रेनी सेना के बीच संघर्ष जारी है.

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2. यूक्रेन में ग्राउंड पर क्या हालात हैं?

- पुतिन ने डोनेत्स्क और लुहंस्क में अपनी सेना भेजने का आदेश भी दिया है. इस आदेश में पुतिन ने बताया कि वो शांति बनाए रखने के लिए ऐसा कर रहे हैं. हालांकि, अभी तक रूस के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि रूसी सैनिकों ने सीमा पार की है या नहीं.

- इसके साथ ही रूस के सांसदों ने पुतिन को विदेशी जमीन पर सेना का इस्तेमाल करने की बात कही है. साथ ही उन्होंने वैश्विक दबाव के बावजूद यूक्रेन पर हमला करने का सुझाव भी दिया है. 

3. तो क्या रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया?

- रूस का कहना है कि उसने शांति बनाए रखने के लिए अपनी सेना को भेजा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि रूस ने यूक्रेन की सरकार को गिराने के लिए आक्रमण शुरू कर दिया है.

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-  अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि रूस ने यूक्रेन के पास 1.5 लाख से ज्यादा सैनिक तैनात कर दिए हैं और उन इलाकों में ब्लड सप्लाई भी शुरू कर दी है. उन्होंने कहा, 'जब तक आप युद्ध शुरू करने की योजना नहीं बनाते, तब तक आपको खून की जरूरत नहीं होती.'

- नोट्रे डैम में लॉ प्रोफेसर और इंटरनेशनल लॉ के एक्सपर्ट मैरी एलन ओ'कॉनेल ने न्यूज एजेंसी को बताया कि मिलिट्री फोर्स के साथ किसी भी देश की सीमा को लांघना गैरकानूनी है, भले ही उसे आक्रमण के अलावा कुछ और क्यों ही न कहा जाए.

4. अब अमेरिका क्या करेगा?

- डोनेत्स्क और लुहंस्क को अलग देश के तौर पर मान्यता देने के पुतिन के फैसले की अमेरिका ने आलोचना की है. एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि भले ही रूस इस बात को नहीं मानता लेकिन वहां पिछले 8 साल से रूसी सेना ऑपरेशन चला रही हैं. उन्होंने कहा कि रूस अब खुलकर उन इलाकों में कार्रवाई कर रहा है और उसी के हिसाब से हम कार्रवाई करेंगे.

- राष्ट्रपति बाइडेन साफ कर चुके हैं कि वो यूक्रेन में अपनी सेना नहीं उतारेंगे, लेकिन मंगलवार को उन्होंने एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया में अपनी सेना को आगे बढ़ने के आदेश दिए हैं. ये वो तीन यूरोपीय देश हैं जहां से रूस यूक्रेन पर हमला कर सकता है. ये तीनों ही देश NATO के भी सदस्य हैं. इन तीनों देशों पर रूस ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान कब्जा कर लिया था और 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद इन्हें आजादी मिली थी.

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- जो बाइडेन ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं. उन्होंने रूस के दो वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं और कहा है कि रूस अब पश्चिमी देशों के साथ कारोबार नहीं कर पाएगा. उन्होंने फिर चेतावनी दी है कि अगर पुतिन पीछे नहीं हटते हैं तो और प्रतिबंध लगाए जाएंगे. 

- NATO के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग (Jens Stoltenberg) ने कहा कि यूक्रेन को अस्थिर करने के लिए रूस अब सैन्य कार्रवाई की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि ये बहुत ही गंभीर कदम है और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.

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5. क्या रूस पीछे हटेगा?

- रूस के अब पीछे हटने की संभावना नहीं दिख रही है. रूस ने कुछ दिन पहले दावा जरूर किया था कि वो यूक्रेन की सीमा से अपनी सेना की वापसी कर रहा है, हालांकि सैटेलाइट तस्वीरों में सामने आया था कि सेना कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही है.

- रूस ने अब डोनेत्स्क और लुहंस्क में सेना भेजने के आदेश दे दिए हैं. आशंका यही जताई जा रही है कि इसके बहाने रूस यूक्रेन पर हमला करने की तैयारी कर रहा है. रूसी सांसदों ने राष्ट्रपति पुतिन को भी यूक्रेन पर हमला करने का ही सुझाव दिया है.

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6. NATO की क्या है तैयारी?

- रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने NATO देशों में जंग शुरू करने के संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन उसके सदस्य देश इसे लेकर आशंकित हैं. यही वजह है कि बाइडेन ने इसी महीने पोलैंड में 4,700 अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं. इसके साथ ही जर्मनी से 1 हजार सैनिक रोमानिया भी भेज दिए गए हैं.

- वहीं, स्टोलटेनबर्ग का कहना है कि NATO देशों ने 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान और 120 से ज्यादा जंगी जहाज हाई अलर्ट पर हैं. उन्होंने कहा कि इस बात के लगातार संकेत मिल रहे हैं कि रूस यूक्रेन पर बड़ा हमला करने की तैयारी कर रहा है.

7. दुनिया के लिए कितना बड़ा है संकट?

- दुनिया पर तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडरा रहा है. ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन पहले ही कह चुके हैं कि रूस दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़ी जंग की तैयारी कर रहा है. अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों की सेनाएं और हथियार यूक्रेन के पड़ोसी देशों के पास पहुंच चुकी हैं. 

- जंग के खतरे से इंसानी जान को तो खतरा होगा ही, साथ ही महंगाई बढ़ने से जेब पर भी असर पड़ेगा. अभी जंग शुरू भी नहीं हुई है और क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने लगी हैं. तनाव के चलते बेंट क्रूड 96.7 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. इसके 100 डॉलर का आंकड़ा पार करने का भी अनुमान है.

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- अगर क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ती है तो इसका सीधा-सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर होगा. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से महंगाई भी बढ़ेगी. इतना ही नहीं, नेचुरल गैस के दाम भी 10 गुना तक बढ़ने की आशंका है. साथ ही पीएनजी और बिजली की दरें भी बढ़ जाएंगी.

 

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