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False Flag operation क्या होता है? जो अभी रूस का यूक्रेन के खिलाफ बन गया है सबसे बड़ा हथियार

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का खतरा बना हुआ है. अमेरिका दावा कर रहा है कि रूस False Flag रणनीति के जरिए यूक्रेन पर हमला कर सकता है. दूसरे पश्चिमी देश भी यही मानकर चल रहे हैं.

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • साल 2014 में रूस ने किया था False Flag का इस्तेमाल
  • अमेरिका का दावा- यूक्रेन की राजधानी पर होगा हमला

यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध का खतरा बरकरार है. अमेरिका अपनी तरफ से एक अंतिम प्रयास जरूर कर रहा है, पूरी कोशिश है कि रूस को फिर बातचीत की टेबल पर लाया जाए, लेकिन स्थिति हाथ से निकलती दिख रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन दावा कर चुके हैं कि रूस ने यूक्रेन पर हमला करने का मन बना लिया है और आने वाले कुछ दिनों में बड़ा हमला हो सकता है.

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अब सवाल उठता है कि अगर रूस कोई हमला करता है, तो उसकी शुरुआत कैसे होगी? रूस किस रणनीति को अपना हथियार बना यूक्रेन पर धावा बोलेगा? अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों की माने तो रूस इस बार False Flag रणनीति का इस्तेमाल कर सकता है. ये रूस के लिए वो हथियार साबित हो सकता है जिसके दम पर वो यूक्रेन पर आक्रमण भी कर दे और कोई दूसरा देश उसकी कार्रवाई पर सवाल भी खड़े ना करे.

 False Flag operation का मतलब समझिए

बता दें कि False Flag रणनीति का इस्तेमाल कई युद्धों में किया जा चुका है. इतिहास पर नजर डालेंगे तो कई ऐसे मौके आए हैं जहां पर False Flag रणनीति के जरिए किसी दूसरे देश पर हमला किया गया है. False Flag एक ऐसी सैन्य कार्रवाई होती है जहां पर एक देश छिपकर, जानबूझकर स्वयं की संपत्ति, इंसानी जान को नुकसान पहुंचाता है. जबकि दुनिया के सामने वह यह बताता है कि उसके दुश्मन देश ने ऐसा किया है. इसकी आड़ में ऐसा करने वाला देश अपने शत्रु देश पर हमला कर देता है. इस रणनीति के जरिए युद्ध शुरू करने का दोष अपने प्रतिद्वंदी देश पर डाल दिया जाता है और फिर जवाबी कार्रवाई के नाम पर युद्ध का ऐलान कर दिया जाता है.

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इतिहास क्या बताता है?

आसान शब्दों में पहले आप अपने देश पर हमले का नाटक करते हैं और फिर पूरी दुनिया के सामने अपने प्रतिद्वंदी देश पर उस हमले का आरोप मढ़ देते हैं. साल 1939 में जब जर्मनी की पोलैंड संग जंग चल रही थी, तब जर्मनी ने अपने ही एक रेडियो टावर पर हमला करवा दिया था. फिर संदेश ये चलवा दिया गया कि पोलैंड ने जर्मनी के रेडियो टावर पर कब्जा कर लिया है. ऐसा होने पर जर्मनी को पोलैंड पर हमला करने का मौका मिल गया और युद्ध की शुरुआत हो गई.

साल 2014 में रूस ने खुद इसी तकनीक के जरिए क्रीमिया पर अपना कब्जा जमाया था. तब क्रीमिया की सड़कों पर पहले रूसी कपड़े पहनाकर कुछ लोगों को भेजा गया था. फिर दावा ये किया गया कि ये लोग तो यूक्रेन के निवासी हैं जो रूस का समर्थन करते हैं. इस आधार पर False Flag के जरिए तब रूस ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया.

रूस की रणनीति क्या है?

ऐसे में रूस के पास False Flag का एक पुराना अनुभव रहा है. एक बार फिर वो यूक्रेन के खिलाफ इस पैतरे का इस्तेमाल कर रहा है. कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन अमेरिका लगातार यही दावा कर रहा है. उसे पूरी आशंका है कि रूस आने वाले दिनों में यूक्रेन की राजधानी पर हमला कर सकता है. वैसे इसका ट्रेलर शुक्रवार रात को देखने को मिल गया था.

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पूर्वी यूक्रेन में एक गाड़ी के अंदर जोरदार धमाका हुआ था. ये घटना पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क शहर में हुई थी जहां पर रूस समर्थित अलगाववादियों ने कब्जा जमा रखा है. ये गाड़ी क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रमुख डेनिस सिनेंकोव की बताई गई थी. इसके अलावा पूर्वी यूक्रेन में गैस पाइपलाइन के एक हिस्से में आग लग गई थी. 

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