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Ukraine evacuation: मोदी के दो फोन कॉल, 12 बसें और रेड क्रॉस की मदद.. सुमी से ऐसे निकाले गए 694 भारतीय छात्र

Indians in Sumy Ukraine: सुमी में फंसे 694 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी. सभी भारतीय अब ट्रेन से पश्चिमी यूक्रेन पहुंचेंगे और वहां से फ्लाइट से भारत लाए जाएंगे.

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सुमी से भारतीय छात्रों को पोल्टावा ले जाया गया. (फोटो- विदेश मंत्रालय)
सुमी से भारतीय छात्रों को पोल्टावा ले जाया गया. (फोटो- विदेश मंत्रालय)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्वी यूक्रेन के सुमी में फंसे थे 694 भारतीय छात्र
  • प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन-जेलेंस्की से की थी बात

Indian in Sumy: पूर्वी यूक्रेन के सुमी में फंसे 694 भारतीयों को निकाल लिया गया है. वहां फंसे सभी भारतीयों को पोल्टावा ले जाया गया है, जहां से वो भारत आएंगे. विदेश मंत्रालय ने बताया कि सुमी में फंसे सारे भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. 

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि बसों से सभी भारतीयों को पहले पोल्टावा ले जाया गया, जहां से वो ट्रेन के जरिए पश्चिमी यूक्रेन पहुंचेंगे और फिर भारत आएंगे. 

पोल्टावा से सुमी की दूरी 175 किमी है. यहां फंसे छात्रों को 12 बसों के जरिए निकाला गया. इससे एक दिन पहले भी छात्रों को बस में बैठा लिया गया था, लेकिन सीजफायर टूटने के कारण इन्हें निकाला नहीं जा सका. 

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दो फोन कॉल से शुरू हुआ ऑपरेशन

- रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी से जंग जारी है. जंग के हालातों के बीच वहां हजारों भारतीय फंसे थे, जिनमें से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाने करने गए स्टूडेंट्स थे. 

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- इन स्टूडेंट्स को निकालने के लिए भारत ने ऑपरेशन गंगा (Operation Ganga) शुरू किया था. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 17 हजार से ज्यादा भारतीयों को यूक्रेन से निकाल लिया गया है.

- हालांकि, सुमी में रूस और यूक्रेन के बीच जंग तेज होती जा रही थी. लगातार गोलीबारी और बमबारी के चलते छात्रों को निकालना मुश्किल हो रहा था. वहां करीब सात सौ भारतीय छात्र फंसे हुए थे.

- इसी बीच सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से 50 मिनट और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) से 35 मिनट तक बात की. 

- बातचीत में पीएम मोदी ने दोनों देशों के राष्ट्रपति से सुमी में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. इसके साथ ही पीएम मोदी ने वहां फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए समर्थन मांगा था. 

रूस ने किया सीजफायर, 12 बसों से निकाला गया

- मंगलवार को रूस ने सुबह 10 बजे (स्थानीय समय के मुताबिक) सीजफायर का ऐलान किया. सुमी से पोल्टावा जाने के दो रास्तों पर ह्यूमैनिटेरियन कॉरिडोर बनाया गया, ताकि वहां फंसे लोग निकल सकें.

- सुमी में फंसे भारतीय छात्रों को लेने के लिए 12 बसों का काफिला पहुंच गया था. इंडियन एंबेसी के अधिकारी और रेड क्रॉस सोसायटी की मदद से इन छात्रों को वहां से निकाला गया. 

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खाने-पीने का सामान तक नहीं था

- सुमी में फंसे भारतीय छात्र बहुत मुश्किल में थे. उनके पास खाने और पीने के सामान की भी कमी पड़ गई थी. एटीएम से कैश खत्म हो गया था और दुकानों पर क्रेडिट कार्ड से पेमेंट नहीं ली जा रही थी.

- सुमी में फंसे एक भारतीय छात्र आशिक हुसैन ने न्यूज एजेंसी से कहा, 'हम सोमवार को तीन घंटे तक लाइन में खड़े रहे, बस में बैठने का इंतजार करते रहे और फिर हमें बोल दिया कि नहीं जा सकते. लेकिन अब हम सुमी से जा रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि बहुत जल्द हम सेफ जोन में होंगे.'

 

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