रूस और यूक्रेन के बीच जंग लंबी खिंचती नजर आ रही है. एक तरफ अमेरिका के साथ यूरोप के कई देश खुलकर यूक्रेन के सपोर्ट में आगे आ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ रूस भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. यूक्रेन युद्ध के बीच वॉर क्राइम का भी दावा कर रहा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की जंग के बीच कीव में मौजूद मीडिया को लगातार ब्रीफ कर रहे हैं. ऐसी ही एक ब्रीफिंग उन्होंने शुक्रवार को भी की, जिसमें उन्होंने रूस पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाया. जेलेंस्की ने कहा कि रूस की फौज अपने साथ यूक्रेन के करीब 5 लाख लोगों को जबरन रूस ले गई है.
पोलैंड के मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि रूस यूक्रेन के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र (United Nations) को भी चुनौती दे रहा है. उन्होंने कहा कि UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के कीव दौरे के दौरान मिसाइल अटैक से पुतिन की मंशा पता चलती है. उन्होंने कहा कि रूस की सेना दक्षिण और पूर्व में आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन यूक्रेन की सेना उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे रही है. जेलेंस्की ने कहा कि UN की मदद से जल्द ही मरियुपोल में फंसे लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जाएगा.
गुटेरेस-जेलेंस्की की मीटिंग के बाद हुआ था हमला
बता दें कि रूस और यूक्रेन की जंग में शांति वार्ता की कोशिश कर रहे संयुक्त राष्ट्र (united nations) के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की थी. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से उनकी मुलाकात को 1 घंटे ही हुआ था कि यूक्रेन की राजधानी कीव में 2 मिसाइल अटैक हो गए. इस हमले में गुटेरेस की टीम के किसी भी सदस्य को नुकसान नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुए हमले से गुटेरेस हैरान रह गए. उन्होंने हमले की निंदा भी की थी.
जंग रुकवाने की कोशिश में लगे हैं गुटेरेस
ऐसा नहीं है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने सिर्फ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलेडिमिर जेलेंस्की से ही मुलाकात की. बल्कि, इससे पहले उन्होंने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की थी. दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई थी. हालांकि, लंबी चर्चा के बाद भी दोनों किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके थे. मुलाकात के दौरान यूएन महासचिव ने पुतिन से खासतौर पर मारियुपोल की स्थिति पर चर्चा की थी. उन्होंने रूस से आग्रह किया कि वो वहां कम से कम कुछ दिनों का युद्ध विराम करे, ताकि स्टील प्लांट में फंसे नागरिक वहां से सुरक्षित जगहों पर शरण लेने जा सकें. इस पर पुतिन ने कहा था कि वहां कई दिनों से कोई गोलेबारी नहीं चल रही है, लोगों को किसी जगह जाने से रोका नहीं जा रहा है. यूक्रेन ने ही अपने लोगों को बंधक बना रखा है. ताकि उनका सहारा लेकर अपनी सैन्य ताकत फिर से इकट्ठा कर सके.