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यूक्रेन पर पुतिन ने बदली रणनीति, ऊर्जा ठिकानों को कर रहे टारगेट, 30% एनर्जी प्लांट तबाह

यूक्रेन में जगह-जगह रूस की सेना मिसाइलें गिरा रही है. वहीं, अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी रणनीति बदल दी है और यूक्रेन के एनर्जी ठिकानों को टारगेट किया जा रहा है. यूक्रेन का दावा है कि 10 अक्टूबर से अब तक रूसी सेना की बमबारी में 30% एनर्जी ठिकाने तबाह हो चुके हैं.

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क्रीमिया ब्रिज पर अटैक के बाद से यूक्रेन पर रूसी बमबारी और तेज हो गई है. (फाइल फोटो)
क्रीमिया ब्रिज पर अटैक के बाद से यूक्रेन पर रूसी बमबारी और तेज हो गई है. (फाइल फोटो)

Russia-Ukraine War: यूक्रेन में एक बार फिर हाहाकार मचा हुआ है. पार्क, यूनिवर्सिटी, फुटपाथ... हर जगह रूसी मिसाइलों के हमले जारी हैं. इतना ही नहीं, रूस की मिसाइलें यूक्रेन के एनर्जी ठिकानों को भी टारगेट कर रहीं हैं. ये दिखाता है कि यूक्रेन को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी रणनीति बदल दी है. 

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इस साल 24 फरवरी को जब पुतिन ने यूक्रेन के साथ जंग का ऐलान किया था, तो उन्होंने इसे 'स्पेशल ऑपरेशन' बताया था. हालांकि, इस कथित स्पेशल ऑपरेशन में रूस ने यूक्रेन में जमकर तबाही मचाई है.

अब एक बार फिर यूक्रेन में तबाही मचनी शुरू हो गई है. ये हमले 10 अक्टूबर के बाद से और तेज हो गए हैं. 8 अक्टूबर को रूस की शान कहे जाने वाले क्रीमिया के कर्ज स्ट्रेट ब्रिज पर खतरनाक हमला हुआ. रूस ने यूक्रेन पर हमले का आरोप लगाया. जिस समय हमला हुआ, उस समय ब्रिज से कार्गो ट्रेन गुजर रही थी. इस हमले ने ब्रिज को तबाह कर दिया. माना जा रहा है कि इस हमले से यूक्रेन ने रूस को 'मनोवैज्ञानिक चोट' पहुंचाई है. 

क्रीमिया ब्रिज पर हमले के बदले में 10 अक्टूबर को रूस ने यूक्रेन पर 84 मिसाइलें बरसाईं. बमों की मार से सड़कें, चौक चौराहे, पार्क, यूनिवर्सिटी, टूरिस्ट साइट तबाह हो गईं. और अब यूक्रेन के एनर्जी ठिकानों को टारगेट किया जा रहा है.

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30% एनर्जी प्लांट तबाह

यूक्रेन के एनर्जी ठिकानों पर रूसी बमबारी जारी है. यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री हरमेन हैलुशेंको ने एक न्यूज चैनल को बताया कि इस जंग में ये पहली बार है जब रूस एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर से अब तक रूसी बमबामीर में यूक्रेन का 30% एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गया है.

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि 10 अक्टूबर को रूसी सेना ने कीव समेत 12 प्रांतों में भारी बमबारी की. इससे 30 से ज्यादा जगहों पर आग लग गई. 

अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी कीव में कुछ समय के लिए बिजली की आपूर्ति ठप हो गई थी. कई जगहों पर बिजली कटौती भी करनी पड़ी थी. 

खास रणनीति के पीछे इनका दिमाग तो नहीं!

इधर क्रीमिया के ब्रिज पर हमला हुआ और उसके कुछ घंटों बाद ही पुतिन ने यूक्रेन युद्ध की कमाई जनरल सर्गेई सुरोविकिन को सौंप दी. जनरल सुरोविकिन को 'जनरल आर्मागेडन' भी कहा जाता है. इसका मतलब होता है तबाही लाने वाला जनरल.

जनरल सुरोविकिन की गिनती 'क्रूर सैन्य नेता' के तौर पर होती है. अफगानिस्तान, चेचन्या, ताजिकिस्तान और सीरिया के साथ जंग में उनकी क्रूरता और बर्बरता दुनिया देख चुकी है.

अगस्त 2017 में उन्हें रूसी सेना का जनरल बनाया गया था. सितंबर 2017 में उन्हें रूसी एयरोस्पेस फोर्स का कमांडर इन चीफ बनाया गया. ये वो वक्त था जब सीरिया में जंग चल रही थी. इसी जंग में रूस ने सीरिया के अलेप्पो शहर को बमबारी कर तबाह कर दिया था. इसके लिए जनरल सुरोविकिन को ही जिम्मेदार ठहराया गया था.

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अब जब रूस और यूक्रेन की जंग फिर से खतरनाक मोड़ पर आ गई है तो पुतिन ने जनरल सुरोविकिन को इस युद्ध की कमान सौंप दी है. जनरल सुरोविकिन के कमान संभालते ही यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमले हो रहे हैं.

 

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