रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच एक नया खतरा पैदा हो गया है. संयुक्त राष्ट्र की इंटरनेशनल एटोमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने जेपोरीजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन अटैक की जानकारी दी है. एजेंसी ने बताया है कि जेपोरीजिया प्लांट के छह न्यूक्लियर रिएक्टर में से एक पर ड्रोन अटैक से एक बड़ी परमाणु दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है.
IAEA के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने बताया कि जेपोरीजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट के मेन रिएक्टर कंटेनमेंट स्ट्रक्चर पर कम से कम तीन डायरेक्ट अटैक हुए हैं.
नवंबर 2022 के बाद ये पहला ऐसा हमला है. IAEA ने बयान जारी कर प्लांट के छह रिएक्टर्स में से एक पर ड्रोन हमले की पुष्टि की है. बयान में कहा गया है कि हमले से एक व्यक्ति के भी हताहत होने की खबर है.
बयान में कहा गया है कि यूनिट-6 के डैमेज होने से परमाणु सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं हुआ है, लेकिन ये गंभीर दुर्घटना है, जिसमें रिएक्टर का कंटेनमेंट सिस्टम कमजोर होने की आशंका है.
जेपोरीजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर मार्च 2022 से ही रूस का कब्जा है. रूस के अधिकारियों का कहना है कि प्लांट की साइट पर यूक्रेन की सेना ने हमला किया है. प्लांट के अधिकारियों का दावा है कि कोई गंभीर क्षति या कोई हताहत नहीं हुआ है. हमले के बाद रेडिएशन का स्तर भी सामान्य रहा. हालांकि, रविवार को रूस की सरकारी न्यूक्लियर एजेंसी रोसाटोम ने ड्रोन हमला प्लांट की कैंटीन के करीब भी हुआ था, जिसमें तीन लोग घायल हुए हैं.
जेपोरीजिया यूरोप का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट है, जिस पर यूक्रेन से जंग शुरू होने के कुछ दिन बाद ही रूसी सेना ने कब्जा कर लिया था. इसके बाद से ही IAEA ने कई बार इसे लेकर चेतावनी जारी की है. रूस और यूक्रेन, दोनों ही प्लांट पर हमलों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं.
जेपोरीजिया प्लांट में छह परमाणु रिएक्टर्स हैं, जो यूरोप में सबसे बड़ा और दुनिया में 9वां सबसे बड़ा प्लांट है. परमाणु एजेंसियां कई बार चेता चुकी हैं कि यहां पर हमला एक बड़ी तबाही ला सकता है.