विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि व्यक्ति को कड़ी मेहनत करने की जरूरत होती और जीवन ‘खटाखट’ नहीं है. विदेश मंत्री जिनेवा में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे.
विदेश मंत्री ने बदलते भारत और नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पिछले 10 वर्षों में किए गए बुनियादी ढांचे के विकास के बारे विस्तार से बताया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी का परोक्ष संदर्भ दिया.
जयशंकर ने बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए आवश्यक विशाल मानव संसाधनों के बारे में बात करते हुए कहा, ‘जब तक हम मानव संसाधन (Human Resources) विकसित नहीं कर लेते, तब तक कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है. जब तक आप बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं कर लेते, जब तक आपके पास नीतियां नहीं होतीं. इसलिए जीवन ‘खटाखट’ नहीं है. जीवन में कड़ी मेहनत की जरूरत होती है.जीवन कर्मठता है.’
जीवन खटाखट नहीं- विदेश मंत्री
विदेश मंत्री ने कहा, 'कुछ लोग हमारे चीन से आयात करने पर सवाल उठाते हैं और कहते हैं कि हम चीन से इतना आयात क्यों कर रहे हैं. 1960, 70, 80 और 90 के दशक के दौरान सरकारों ने विनिर्माण यानि मैन्युफैक्चरिंग पर कोई ध्यान नहीं दिया. जब हमने इसका हल खोजने की कोशिश की तो लोगों ने कहा कि हमारे पास संसाधन नहीं हैं और हमें कोशिश नहीं करनी चाहिए. मजबूत मैन्युफैक्चरिंग के बिना आप प्रमुख वैश्विक ताकत कैसे बन पाएंगे. इसके लिए कड़ी मेहनत और अच्छी नीतियों की जरूरत होती है. जीवन खटाखट नहीं है, जीवन कड़ी मेहनत है. हमें कड़ी मेहनत करनी होगी.’
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राहुल ने लोकसभा चुनाव में किया था 'खटाखट' का वादा
उन्होंने कहा, ‘जिस किसी ने भी नौकरी की है और कड़ी मेहनत से काम किया है, वह यह जानता है. इसलिए मेरा आपके लिए यही संदेश है कि हमें इस पर कड़ी मेहनत करनी होगी.’
आपको बता दें कि इस साल लोकसभा चुनाव के लिए अभियान के तहत एक चुनावी रैली के दौरान, गांधी ने वादा किया था कि अगर उनकी पार्टी जीतती है तो वह देश के हर गरीब परिवार की एक महिला के खाते में एक लाख रुपए ट्रांसफर करेगी. उन्होंने कहा था कि ये रुपये ‘खटाखट’ यानी तुरंत ट्रांसफर होंगे.